नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रविवार के अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था और ठीक दो दिन के बाद उन्होंने CM पद त्याग दिया। PAC की बैठक और AAP विधायक दल की बैठक के बाद सर्वसम्मति से आतिशी को विधायक दल का नेता चुना गया और उन्हें दिल्ली का नया मुख्यमंत्री घोषित किया। आतिशी ने LG वीके सक्सेना से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। अब सवाल ये है कि क्या केजरीवाल सभी सरकारी सुविधा छोड़ देंगे?
केजरीवाल छोडेंगे CM आवास
बुधवार सुबह आम आदमी पार्टी की ओर से संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि- अरविंद केजरीवाल ने एक हफ्ते में सरकारी बंग्ला और अन्य सरकारी सुविधा छोड़ने का फैसला लिया है। हालांकि उनकी ओर से यह भी कहा गया कि केजरीवाल की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए उनसे ये फैसला न लेने की अपील की, लेकिन केजरीवाल नहीं मानें। संजय सिंह ने बताया कि केजरीवाल अब कहां रहेंगे इसे लेकर कोई भी फैसला अभी नहीं लिया गया है। केजरीवाल यहां फरवरी 2015 से रह रहे थे।
CM आवास को लेकर हो चुका है बवाल
BJP ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने सरकारी आवास के रेनोवेशन पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दिल्ली के PWD विभाग ने ऑडिट के बाद रिपोर्ट जारी की जिसमें बताया गया कि पुराने ढ़ाचे की जगह नए ढ़ाचें का निर्माण किया गया है जिसमें एक कैंप ऑफिस भी शामिल है। इस निर्माण की लागत 44.78 करोड़ रुपये आई है। बीजेपी ने यह आरोप भी लगाया कि बंगले मे लगे पर्दों की कीमत 8 करोड़ रुपये है जबकि करोड़ो रुपये की कीमत के वियतनाम से इंपोर्टेड पत्थर भी लगाए गए हैं। किचन के निर्माण की कीमत भी 1.1 करोड़ रुपये बताई गई है।




