नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । किसान नेता राकेश टिकैत के साथ धक्का-मुक्की और पगड़ी उछालने का मामला बढ़ता ही जा रहा है। विवाद के खिलाफ आज यानी शनिवार को उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महा पंचायत बुलाई गई है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जाटों की खाप के मुखिया नरेश टिकैत ने राकेश टिकैत के साथ हुआ ये दुर्व्यहार को सम्मान और किसानों की लड़ाई बताया है। नरेश टिकैत ने कहा कि यह मान सम्मान की लड़ाई है, हम अनुशासित हैं वरना इस घटना पर धरती लाल हो जाती।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में गुस्से में है। हमले के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हिंदू संघर्ष समिति के आव्हान में एक जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया था। लेकिन इस रैली में बवाल तब मच गया जब, भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के खिलाफ भारी भीड़ ने विरोध करते हुए धक्का-मुक्की कर दी। इस भीड़ भारी सुरक्षा के चलते राकेश टिकैत सुरक्षित हैं। लेकिन भीड़भाड़ में उनकी पगड़ी उछल गई है। फिर क्या था इस घटना को किसान यूनियन ने किसान नेता का अपमान बताया। इसके खिलाफ आज मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत बुलाई है।
इस घटना से नाराज BKU अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बड़ा ऐलान कर दिया है। घटना के विरोध में नरेश टिकैट ने शनिवार को मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में किसानों की महापंचायत बुलाई है। उन्होंने इस घटना को किसानों के ‘सम्मान की रक्षा’ मुद्दा बताया है। उन्होने कहा कि, यह महापंचायत किसी पार्टी, मजहब या व्यक्ति विशेष से जुड़ी नहीं, बल्कि किसानों की अस्मिता से जुड़ा निर्णय स्थल होगा।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम में उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने इस घटना को किसान नेता का अपमान और निदंनीय बताया है। वहीं, नेता व सांसद हरेंद्र मलिक ने भी टिकैत से मुलाकात की और इस घटना के बारे में जानकारी ली। मामला बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, सियासी गलियारों में इस घटना को लेकर माहौल गर्म है। खासकर इसलिए कि विरोध करने वाली भीड़ ‘योगी-मोदी जिंदाबाद’ के नारे भी लगा रही थी।
मामले राकेश टिकैत क्या बोले-
मामले में राकेश टिकैत का बयान भी सामने आया है। उन्होंने इस घटना को एक ‘प्री-प्लांड’ और साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना किसानों की एकता को तोड़ने का प्रयास है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश टिकैत ने कहा, घटना को अंजाम देने वाले लोग कहीं के भी हो सकते हैं, पर हम अपने इतिहास पर दाग नहीं लगने देंगे।
आज किसानों की महापंचायत
नरेश टिकैत ने कहा- हमें कमजोर नहीं समझें, हमारे ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी है। महापंचायत में सब सामने आ जाएगा। यह किसी संगठन या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसान-मजदूर की के सम्मान ओर गरिमा बचाने की एक जनसभा होगी। उन्होंने साफ किया कि महापंचायत में कोई विशेष आमंत्रण नहीं भेजा जाएगा। जो लोग किसान आंदोलन, सम्मान और एकता के साथ हैं, वे स्वयं पहुंचे।





