नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। गणतंत्र दिवस के मौके पर 139 पद्म पुरस्कार विजेताओं के नाम का ऐलान कर दिया गया। मार्च-अप्रैल में होने वाले कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कार दे दिए जाएंगे।
गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म पुरस्कारों का ऐलान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उन्होंने उन वीर जवानों को तो नमन किया ही जिनके चलते हमें आजादी मिली है बल्कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के योगदान को भी सराहा। दूसरी ओर हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया गया। मार्च अप्रैल में होने वाले कार्यक्रम में इन पुरस्कारों को विजेताओं को सौंप दिया जाएगा।
पद्म विभूषण(7)
श्री दुव्वुर नागेश्वर रेड्डी
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री जगदीश सिंह खेहर
श्रीमती कुमुदिनी रजनीकांत लाखिया
श्री लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम
श्री एम. टी. वासुदेवन नायर (मरणोपरांत)
श्री ओसामु सुजुकी (मरणोपरांत)
श्रीमती शारदा सिन्हा (मरणोपरांत)
पद्म भूषण(19)
श्री ए सूर्य प्रकाश
श्री अनंत नाग
श्री बिबेक देबरॉय (मरणोपरांत)
श्री जतिन गोस्वामी
श्री जोस चाको पेरियाप्पुरम
श्री कैलाश नाथ दीक्षित
श्री मनोहर जोशी (मरणोपरांत)
श्री नल्ली कुप्पुस्वामी चेट्टी
श्री नंदामुरी बालकृष्ण
श्री पी आर श्रीजेश
श्री पंकज पटेल
श्री पंकज उधास (मरणोपरांत)
श्री रामबहादुर राय
साध्वी ऋतंभरा
श्री एस अजित कुमार
श्री शेखर कपूर
सुश्री शोभना चंद्रकुमार
श्री सुशील कुमार मोदी (मरणोपरांत)
श्री विनोद धाम
पद्म श्री
श्री अद्वैत चरण गडनायक
श्री अच्युत रामचन्द्र पालव
श्री अजय वी भट्ट
श्री अनिल कुमार बोरो
श्री अरिजीत सिंह
श्रीमती अरुंधति भट्टाचार्य
श्री अरुणोदय साहा
श्री अरविन्द शर्मा
श्री अशोक कुमार महापात्रा
श्री अशोक लक्ष्मण सराफ
श्री आशुतोष शर्मा
श्रीमती अश्विनी भिड़े देशपांडे
श्री बैजनाथ महाराज
श्री बैरी गॉडफ्रे जॉन
श्रीमती बेगम बतूल
श्री भरत गुप्त
श्री भेरू सिंह चौहान
श्री भीम सिंह भावेश
श्रीमती भीमव्वा डोड्डाबलप्पा शिल्लेक्यथारा
श्री बुधेन्द्र कुमार जैन
श्री सी एस वैद्यनाथन
श्री चैतराम देवचंद पँवार
श्री चंद्रकांत शेठ (मरणोपरांत)
श्री चंद्रकांत सोमपुरा
श्री चेतन ई चिटनीस
श्री डेविड आर सिम्लिह
श्री दुर्गाचरण रणबीर
श्री फारूक अहमद मीर
श्री गणेश्वर शास्त्री द्रविड़
श्रीमती गीता उपाध्याय
श्री गोकुल चन्द्र दास
श्री गुरुवयूर दोराई
श्री हरचंदन सिंह भट्टी
श्री हरिमन शर्मा
श्री हरजिंदर सिंह श्रीनगर वाले
श्री हरविंदर सिंह
श्री हसन रघु
श्री हेमन्त कुमार
श्री हृदय नारायण दीक्षित
श्री ह्यूग और कोलीन गैंटज़र (मरणोपरांत)(जोड़ी)*
श्री इनिवलाप्पिल मणि विजयन
श्री जगदीश जोशीला
श्रीमती जसपिंदर नरूला
श्री जोनास मसेटी
श्री जोयनाचरण बाथरी
श्रीमती जुमदे योमगाम गामलिन
श्री के. दामोदरन
श्री के एल कृष्णा
श्रीमती के ओमानकुट्टी अम्मा
श्री किशोर कुणाल (मरणोपरांत)
श्री एल हैंगथिंग
श्री लक्ष्मीपति रामसुब्बैयर
श्री ललित कुमार मंगोत्रा
श्री लामा लोबजंग (मरणोपरांत)
श्रीमती लीबिया लोबो सरदेसाई
श्री एम डी श्रीनिवास
श्री मदुगुला नागफनी सरमा
श्री महाबीर नायक
श्रीमती ममता शंकर
श्री मंदा कृष्णा मडिगा
श्री मारुति भुजंगराव चितामपल्ली
श्री मिरियाला अप्पाराव (मरणोपरांत)
श्री नागेन्द्र नाथ राय
श्री नारायण (भुलई भाई) (मरणोपरांत)
श्री नरेन गुरुंग
श्रीमती -नीरजा भाटला
श्रीमती निर्मला देवी
श्री नितिन नोहरिया
श्री ओंकार सिंह पाहवा
श्री पी दत्चानमूर्ति
श्री पंडीराम मंडावी
श्री परमार लवजीभाई नागजीभाई
श्री पवन गोयनका
श्री प्रशांत प्रकाश
श्रीमती प्रतिभा सत्पथी
श्री पुरीसाई कन्नप्पा संबंदन
श्री आर अश्विन
श्री आर जी चंद्रमोगन
श्रीमती राधा बहिन भट्ट
श्री राधाकृष्णन देवसेनापति
श्री रामदरश मिश्रा
श्री रणेन्द्र भानु मजूमदार
श्री रतन कुमार परिमू
श्री रेबा कांता महंत
श्री रेंथलेई लालराणा
श्री रिकी ज्ञान केज
श्री सज्जन भजनका
श्रीमती. सैली होलकर
श्री संत राम देसवाल
श्री सत्यपाल सिंह
श्री सीनी विश्वनाथन
श्री सेतुरामन पंचनाथन
श्रीमती. शेखा शेखा अली अल-जबर अल-सबाह
श्री शीन काफ निजाम (शिव किशन बिस्सा)
श्री श्याम बिहारी अग्रवाल
श्रीमती. सोनिया नित्यानंद
श्री स्टीफन नैप
श्री सुभाष खेतुलाल शर्मा
श्री सुरेश हरिलाल सोनी
श्री सुरिंदर कुमार वासल
श्री स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज)
श्री सैयद ऐनुल हसन
श्री तेजेन्द्र नारायण मजूमदार
श्रीमती. थियम सूर्यमुखी देवी
श्री तुषार दुर्गेशभाई शुक्ला
श्री वादिराज राघवेन्द्राचार्य पंचमुखी
श्री वासुदेव कामथ
श्री वेलु आसान
श्री वेंकप्पा अम्बाजी सुगातेकर
श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वर जी महाराज
श्रीमती. विजयलक्ष्मी देशमाणे
श्री विलास डांगरे
श्री विनायक लोहानी
पद्म पुरस्कारों से संबंधित उल्लेखनीय तथ्य
पद्म पुरस्कार ऑन की शुरुआत साल 1954 में की गई थी। जिन लोगों ने किसी क्षेत्र में कोई अप्रतिम काम किया हो या जिससे लोक सेवा को बढ़ावा मिला हो। यह पुरस्कार उन लोगों को सम्मान के तौर पर दिया जाता है। हालांकि जब इन पुरस्कारों की शुरुआत की गई थी तो उन्हें लोगों की जीवित रहते हैं सम्मानित करने का प्रावधान था लेकिन सरकार को यह अधिकार भी दिया गया कि वह मरणोपरांत भी इस सम्मान को दे सकती है। इसके अलावा एक रोचक तथ्य यह भी है कि अगर किसी व्यक्ति को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है तो उसे पद्म भूषण या पद्म विभूषण से 5 साल के बाद ही नवाजा जा सकेगा।




