नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली आबकारी नीति कथित घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत को लेकर सुनवाई हो रही है। केस में बेल के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में केस दर्ज कराया है। फरवरी 2023 में गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने 16 महीने जेल में गुजारे हैं।
दरअसल दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने गवर्नर वीके सक्सेना को एक रिपोर्ट दी थी जिसमें कहा गया था कि मनीष सिसोदिया ने पंजाब के इलेक्शन में फंडिग के लिए शराब बेचने के लाइसेंस दिए थे।इसके बाद 26 फरवरी 2023 को दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में मनीष सिसोदिया को CBI ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद इनके खिलाफ एक FIR दर्ज की गई।
9 मार्च को CBI ने मनीष को किया था गिरफ्तार
CBI की गिरफ्तारी के बाद मनीष को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 मार्च को ED ने गिरफ्तार कर लिया था। मनीष के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेता सतेन्द्र जैन को भी करप्शन चार्ज लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद दोनों ने 28 फरवरी 2023 को इस्तीफा दे दिया था। 30 अक्टूबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों में मनीष को बेल देने से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सिसोदिया फिर से बेल की अर्जी दे सकते हैं।
ट्रायल कोर्ट ने 30 अप्रैल 2024 को अर्जी की रद्द
30 अप्रैल 2024 को सिसोदिया की जमानत अर्जी ट्रायल कोर्ट में फिर से रद्द कर दी गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने भी अर्जी को रद्द कर दिया। मनीष को 16 महीनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
4 जून 2024 को फिर से अर्जी रद्द
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 4 जून 2024 को भी मनीष की बेल अर्जी को रिवाइव करने के आवेदन को रद्द कर दिया। इस आदेश में कहा गया कि ED और CBI की चार्जशीट दाखिल होने तक इंतजार किया जाए।
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