नई दिल्ली, रफ्तार। पेरिस ओलंपिक 2024 (Paris Olympics 2024) में आज भारत को फिर मेडल मिलने की उम्मीद है। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल प्रतिस्पर्धा के फाइनल में रमिता जिंदल हिस्सा लेंगी। रमिता से पदक की उम्मीद है। रविवार को जिंदल ने क्वालीफिकेशन राउंड में 631.5 अंकों के साथ 5वां स्थान पाकर फाइनल में जगह पक्की की थी। शूटिंग से भारत को पहले ही अच्छी खबर मिल चुकी है। रविवार को मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता। वह शूटिंग में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की हैं रहने वाली
रमिता हरियाणा के कुरुक्षेत्र अंतर्गत लाडवा की रहने वाली हैं। वह जिंदल परिवार से तालुक रखती हैं। उन्होंने 8 की उम्र में निशानेबाजी में रुचि दिखाई थी। वह 13 की उम्र से निशानेबाजी कर रहीं हैं। उनके पिता अरविंद जिंदल टैक्स सलाहकार हैं। 2016 में वह रमिता को कुरुक्षेत्र के करण शूटिंग रेंज ले गए थे। उन्होंने राइफल शूटिंग से रमिता का लगाव देखकर उन्हें ट्रेनिंग दिलानी शुरू कराई थी। रमिता सुबह स्कूल और शाम को अभ्यास के लिए करण शूटिंग रेंज जाती थीं। रमिता 2018 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में टॉप-10 में रहीं। 2020 में राष्ट्रीय लेवल की प्रतियोगिताओं में पदक जीतना शुरू किया था। इससे उनकी पहचान होनहार निशानेबाज की बन गई।
रमिता की उपलब्धियां
- साल 2021 में SSF जूनियर वर्ल्ड कप में पहला पदक जीता था।
- साल 2022 में बाकू में ISSF वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीता था।
- चांगवोन में साल 2022 वर्ल्ड कप में टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
- साल 2022 एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर राइफल महिला टीम और व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धाओं में क्रमश: रजत और कांस्य पदक पर निशाना साधा था।
- साल 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था, जिससे पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए स्थान पक्का करने में मदद मिली।
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