कोलकाता, 10 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में सबसे दिलचस्प हो चुकी नंदीग्राम सीट पर लड़ाई कांटे की टक्कर वाली होती जा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस सीट से नामांकन भरा है तो दूसरी ओर शुभेंदु अधिकारी ने इलाके में रोड शो किया। ममता ने नामांकन के पहले नंदीग्राम के शिव मंदिर में पूजा अर्चना की इसके बाद वहां के प्रशासनिक भवन में वह पहुंची। उसके पहले शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम के बजरंगबली के मंदिर में पूजा अर्चना की और ममता बनर्जी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज ममता को चंडी पाठ करना पड़ रहा है, भगवान शिव के मंदिर में पूजा करनी पड़ रही है और बार-बार यह कहना पड़ रहा है कि वह हिंदू हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? बार-बार खुद को साबित करना पड़ रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को नंदीग्राम में पदयात्रा की और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करने आएंगे। दरअसल मंगलवार को ममता बनर्जी ने मंगलवार को नंदीग्राम में शुभेंदु पर हमला बोला था और खुद को हिंदू की बेटी करार दिया था। शुभेंदु ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि क्यों अब इस समय खुद को हिंदू बोलना पड़ रहा है? सीएम ने गलत चंडी पाठ किया था। उन्होंने गलत चंडी पाठ कर हिंदुओं का अपमान किया है। पहले राम नाम लेकर अपमान किया था और अब मां चंडी का अपमान किया है। उन्होंने ममता बनर्जी को बाहरी करार देते हुए कहा कि वह भी ब्राह्मण की संतान हैं। यदि ममता बनर्जी चुनाव जीतती हैं, तो वह टीका लगाना और गले में कंठी पहनना छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल में मोदी जी की डबल इंजन की सरकार बनेगी। शुभेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम में विभाजन की राजनीति कर रही हैं। ममता बनर्जी को नंदीग्राम से ईर्ष्या है। उन्होने आरोप लगाया कि साल 2011 में चिटफंड के पैसे से चुनाव कराए थे। भाजपा की सरकार आने पर चिटफंड का पैसा वापस लौटाएंगे। उन्होंने कहा कि वह 12 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, बाबुल सुप्रियो भी रहेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश/गंगा




