back to top
31.1 C
New Delhi
Friday, March 13, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

भारत का उत्थान केवल देश के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए है कल्याणकारी: डा. मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने कहा कि विविधता में एकता हमारी परंपरा का अंग है।

हरिद्वार, हि.स.। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने कहा कि विविधता में एकता हमारी परंपरा का अंग है। मनुष्य मात्र को अपनी लघु चेतना को विकसित करना चाहिए, जिससे वे विविधता में एकता को समझ सके और अपना सके। उन्होंने कहा कि भारत का उत्थान केवल भारत के लिए नहीं, वरन पूरे विश्व के लिए कल्याणकारी है। ये ही देव संस्कृति है।

गायत्री परिवार भी सूर्य यानि इसी तेजस की उपासना

संघ के सरसंघचालक डा. भागवत यहां देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में जी-20 की थीम पर आयोजित दो दिवसीय वसुधैव कुटुंबकम व्याख्यानमाला के दूसरे दिन सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत तेज का उपासक है। गायत्री परिवार भी सूर्य यानि इसी तेजस की उपासना करता है। इस यात्रा में चलने वाले प्रत्येक मनुष्य, साधक विश्व को बचाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया में शांति हो, इस दिशा में सबको मिलकर कार्य करना चाहिए। प्राचीनकाल में ऋषियों ने छोटे-छोटे प्रशिक्षण केन्द्र के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित किया करते थे, जिससे वे अपने सभी सहयोगियों के साथ सामंजस्य के साथ रहते थे और सब एक कुटुंब की भांति रहा करते थे।

भारत को विकसित राष्ट्र जा सकता है बनाया

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह समय अपरिमित संभावना को लेकर आया है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन सुनिश्चित है-सिपाही जागें, सावधान हो लें, तभी भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दया, त्याग, बलिदान और आध्यात्मिक उत्कर्ष का विकास केवल भारत में ही हुआ। भारत में ज्ञान की वह धाराएं विद्यमान हैं, जो पूरे विश्व को प्रकाशित करेगी। व्याख्यानमाला के समापन से पूर्व कुलपति शरद पारधी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

अभिषेक कर सम्पूर्ण समाज की प्रगति की प्रार्थना की

इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने सरसंघचालक डा. भागवत काे युगसाहित्य, रुद्राक्षमाला, गंगाजली आदि भेंटकर सम्मानित किया। सरसंघचालक डा. भागवत ने यजन मोबाइल एप सहित कई पत्रिकाओं का विमोचन किया। इससे पूर्व सरसंघचालक ने विवि स्थित प्रज्ञेश्वर महादेव का अभिषेक कर सम्पूर्ण समाज की प्रगति की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने सफेद चंदन का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम किया प्रस्तुत

इसके पश्चात वे गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्या और शैल दीदी से भेंट कर परामर्श किया। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के मृत्युजंय सभागार में आयोजित सभा में विद्यार्थियों ने वसुधैव कुटुंबकम् की थीम पर आधारित विभिन्न पहलुओं पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शांतिकुंज, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार सहित देश के विभिन्न कोनों से आये गायत्री साधक एवं अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

Advertisementspot_img

Also Read:

5 की जगह 4?’ रिक्शावाले वाले बयान पर बवाल, हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ कांग्रेस का जोरदार हमला

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की ‘मियां’ वाली टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने गुरुवार (29 जनवरी...
spot_img

Latest Stories

Stock Market Today: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, Sensex 645 अंक टूटा; Nifty भी लाल निशान पर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शुक्रवार, 13 मार्च को भारतीय शेयर...

मार्च में पड़ रही मई जैसी गर्मी! दिल्ली-NCR में 14 मार्च से बदलेगा मौसम, हल्की बारिश की संभावना

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों...

Akshay Kumar अपनी इन सीक्वल फिल्मों से मचाएंगे धमाल, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। अक्षय कुमार इस साल कई...