देहरादून, 15 (हि.स.)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अनूप कुमार डिमरी ने निर्देश दिए कि निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धि में अंतर को पाटने की आवश्यकता है। महामारी के दौर में स्वास्थ्य कर्मियों के कंधों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं। किंतु जन स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हमें कोरोना के साथ-साथ राष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी सफलतापूर्वक संचालन करना है। प्रगति संबंधित आंकड़ों एवं सेवाओं की वास्तविक उपलब्धि में समानता होनी आवश्यक है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनएचएम डॉ.दिनेश चौहान ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर मातृ-शिशु सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। महामारी के समय सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यदि मां एवं शिशु को सभी सेवाओं ससमय मिलेंगी तो बच्चों की प्रतिरक्षण क्षमता बढ़ेगी और कहीं न कहीं कोरोना की संभावित तीसरी लहर से लड़ने में सहायक सिद्ध होगा। समीक्षा बैठक में डोईवाला,रायपुर, सहसपुर, विकासनगर, कालसी एवं चकराता ब्लॉक में एएनसी पंजीकरण, सम्पूर्ण टीकाकरण,आयरन फोलिक एसिड,संस्थागत प्रसव,सी-सेक्शन प्रसव, लिंगानुपात,राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम,तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम,राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक लक्ष्मण सिंह रावत, जिला लेखा प्रबंधक विवके गुसाईं, जिला सलहाकार तम्बाकू कार्यक्रम अर्चना उनियाल, डाटा मैनेजर बिमल मौर्य,आरकेएसके कार्यक्रम अधिकारी अनूप चौहान, आरबीएसके मैनेजर गीता शर्मा,आई.ई.सी.समन्वयक पूजन नेगी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश




