बांदा, 02 अप्रैल (हि.स.)। बांदा नगर को ट्राफिक मुक्त कराने के लिए 12 वर्षों से अधूरे पड़े रिंग रोड के चौड़ीकरण एवं सुदृणीकरण के लिए योगी सरकार ने 12171.45 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए एक करोड़ की धनराशि तत्काल अवमुक्त कर दी है। इसके लिए बरसों से नगर वासी मांग कर रहे थे और सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के अथक प्रयास से इस रिंग रोड को वित्तीय स्वीकृति मिल सकी। इस बारे में जानकारी देते हुए विधायक प्रतिनिधि रजत सेठ ने बताया कि विधायक श्री द्विवेदी द्वारा वर्ष 2018 से लगातार मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से पत्राचार किया जा रहा था। उनके इसी प्रयास के कारण रिंग रोड के लिए धनराशि स्वीकृत हो सकी। उन्होंने बताया कि इस बाईपास रिंग रोड के निर्माण पूर्ण होने से शहर को भारी ट्राफिक से निजात मिल सकेगी तथा भारी ट्राफिक के कारण होने वाली भीषण सड़क दुर्घटनाओं से छुटकारा मिल सकेगा। रिंग रोड के लिए शासन द्वारा धनराशि स्वीकृत होने पर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। बताते चलें कि बाईपास के निर्माण के लिए वर्ष 2007-08 में तत्कालीन बसपा सरकार द्वारा हरी झंडी दी गई और 7398.03 लाख रुपए की मूल स्वीकृति लागत तय हुई। कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड को पूरा पैसा दे दिया गया। 2007 से ही कार्य प्रारंभ कराया गया लेकिन अभी तक भौतिक प्रगति 85 फीसदी तक पूरी हो पायी है। इसी के साथ बांदा-बाईपास के अवशेष भाग (रिंग रोड) के लिए पुनः वर्ष 2011 में 4409.27 लाख लागत स्वीकृत कर कार्यदायी संस्था निर्माण खंड-प्रथम को 440 लाख अवमुक्त कर दिए गए। मार्च 2013 तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य तय हुआ। कार्य प्रगति में दिखाकर 3669.27 लाख रुपए की जरूरत और बताई गई है। बाईपास को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए केन नदी में फोरलेन पुल का निर्माण 73 करोड़ 98 लाख की लागत से कराया गया। करोड़ों खर्च के बाद सड़कों की हालत नहीं सुधरी। अब प्रदेश की योगी सरकार ने 12171. 45 लाख की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल




