नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार, 19 दिसंबर से शुरू हो रहा है और यह 24 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के पहले दिन दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी। इसके अलावा शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गुरुवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सत्र के सुचारु संचालन में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में जनोपयोगी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई थी और सभी दलों के सहयोग से तार्किक व गुणवत्तापूर्ण चर्चा के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है।
अनुपूरक बजट और विशेष चर्चा
सत्र के दौरान 22 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। उसी दिन वंदे मातरम् विषय पर पांच घंटे की विशेष चर्चा भी आयोजित होगी। मुख्यमंत्री एवं नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा जन आकांक्षाओं को व्यक्त करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार सभी चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी करेगी और सदस्यों के सुझावों के आधार पर समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
पिछले सत्र और विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट-2047
मुख्यमंत्री ने पिछले सत्र में ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट-2047’ पर 27 घंटे लंबी चर्चा का हवाला देते हुए बताया कि यह देश में अद्वितीय है। इस पर पूरे प्रदेश से लगभग 98 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनका उपयोग आईआईटी कानपुर के सहयोग से अंतिम रूप देने में किया जाएगा।
एसआईआर अभियान और वीर बाल दिवस
मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कर वास्तविक मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाएगा।
सत्र का शेष कार्यक्रम
23 और 24 दिसंबर को विधायी कार्य और अन्य चर्चाएं आयोजित होंगी। सभी सांसद और विधायक सत्र में भाग लेकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और विभिन्न विधेयकों पर विचार करेंगे।





