मेरठ, 07 मार्च (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री नागेंद्र समर्थ ने कहा कि संत रविदास ने पूरे जीवन में भाईचारे और शांति की स्थापना करने का प्रयत्न किया। उन्होंने अपने अनुयायियों को भी इसी मार्ग पर चलने का उपदेश दिया। विश्व हिंदू परिषद ने रविवार शाम को दिल्ली रोड स्थित जीजी फार्म हाउस में संत शिरोमणि रविदास के प्रकटोत्सव पर सामाजिक समरसता की जागरूकता के लिए एक कार्यक्रम किया। मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद प्रांत संगठन मंत्री नागेंद्र समर्थ ने कहा कि आज समाज ने अपने-अपने महापुरुषों को जातियों के अनुसार बांट लिया है। उन्होंने संत रविदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संत रविदास 15वीं शताब्दी के महान संत, कवि एवं समाज सुधारक थे। जिन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में भाईचारा और शांति की स्थापना का प्रयत्न किया। उन्होंने अपने अनुयायियों को भी इसी मार्ग चलने का उपदेश दिया। रविदास जी ने हमेशा रूढ़िवादी विचारधाराओं का विरोध किया। हमेशा मानवतावादी दृष्टिकोण पर जोर दिया। उस समय के बड़़े-बड़े विद्वान, राजा-महाराजा उन्हें अपना गुरु मानते थे। उनके द्वारा रचित दोहे एवं शब्दावली आज भी मानव जीवन में प्रासंगिक है। अगर मनुष्य उनके जीवन दर्शन पर चले तो समाज से अनेक कुरीतियों का विनाश हो सकता है। कार्यक्रम का संचालन महानगर मंत्री निमेश वसिष्ठ ने किया। इस मौके पर महानगर समरसता प्रमुख अवनीत बंसल, मुकेश, प्रताप दीपक, गुलाब तंवर, अर्जुन राठी, मधुवन आर्य, गौरव प्रताप, दीपक त्यागी, बंटी बजरंगी, पवन कश्यप, हिमांशु शर्मा, मानव चौहान, बिजेंद्र राणा, अमित प्रजापति आदि मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/कुलदीप




