– पूर्वोत्तर रेलवे ने कोरोना काल में कर्मचारियों को रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र से जोड़ा – कोरोना की दूसरी लहर में लखनऊ मंडल में करीब 150 रेल कर्मियों की हुई मौत – मृतकों के परिजनों को ऑनलाइन भुगतान देने की तैयारी लखनऊ, 01 जून (हि.स.)। पूर्वात्तर रेलवे के लखनऊ मंडल प्रशासन ने कोरोना काल में अपने कर्मचारियों को रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र से जोड़ा है। करोना काल में सेवानिवृत्त हो चुके और सेवानिवृत हो रहे रेल कर्मियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन भुगतान का विकल्प तैयार किया है। रेल कर्मियों के सेवानिवृत होने पर अब पूरा भुगतान एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए ऑनलाइन घर बैठे मिल सकेगा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने करोना काल की संपर्क रहित व्यवस्था का अब ऑनलाइन विकल्प तैयार कर लिया है। जिसके तहत सेवानिवृत हो चुके और सेवानिवृत हो रहे कर्मियों को घर बैठे पूरे समापक भुगतान की ऑनलाइन सुविधा मिलेगी। इस सुविधा को रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र और विकसित मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली परियोजना के तहत शुरू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत सेवानिवृत कर्मियों से मोबाइल के जरिए प्रपत्रों का लेनदेन होगा। इससे सेवानिवृत कर्मियों को रेलवे मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से कोविड-19 के संक्रमण से भी बचाव होगा और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा। कोरोना की दूसरी लहर में उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के 150 रेल कर्मियों ने दम तोड़ा कोविड-19 की दूसरी लहर में लखनऊ मंडल में 15 मार्च से 15 मई के बीच उत्तर रेलवे में करीब 109 और पूर्वोत्तर रेलवे में 41 रेल कर्मियों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। मृत कर्मियों के आश्रितों में सबसे पहले पत्नी फिर बेटा या बेटी को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिलेगी। रेलवे प्रशासन ने सभी शाखाओं को अलर्ट करते हुए आश्रितों की सूची मांगी है जिससे भुगतान के साथ आश्रित कोटे में नौकरी देने की प्रक्रिया छह माह में पूरी हो सके। उत्तर रेलवे प्रशासन ने ऐसे कर्मियों के आश्रितों को जल्द से जल्द पहचान करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें सभी तरह के भुगतान, पेंशन, सामूहिक बीमा आदि का लाभ दिया जाएगा। मृतक आश्रितों की एक साथ परीक्षा कराकर उन्हें नौकरी में समायोजित किया जाएगा। ताकि कोरोना महामारी के बीच जान गंवा चुके परिवार के लोगों को जल्द राहत मिल सके। रेल कर्मियों के मृतक आश्रितों को लाभ मिलना शुरू उत्तर रेलवे के मृत कर्मियों के 08 आश्रितों को सभी तरह के भुगतान कर दिए गए हैं। दो आश्रितों को पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो गया है। 38 आश्रितों को सामूहिक बीमा के पीएफ का लाभ दिया गया है। इसके अलावा 62 आश्रितों को सभी तरह के भुगतान करने की प्रक्रिया चल रही है। पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने कहा कि एचआरएमएस के माध्यम से समापक भुगतान की प्रक्रिया सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए सुविधा जनक है। इसमें सारा डाटा सुरक्षित रहता है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा खुद डाटा भरने के कारण गलती की संभावना नहीं रहती है। सेवानिवृत कर्मी ऑनलाइन आवेदन देकर अपने समापक भुगतान संबंधी समस्याओं का निराकरण अब घर बैठे ही कर सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ दीपक





