नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान भगदड़ की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के फैसले लिए हैं। इस घटना के बाद 30 लोगों की मौत हो गई, जिससे प्रशासन चौकन्ना हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद प्रशासन ने 5 बड़े बदलाव लागू किए हैं, जिससे आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इसके तहत पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है और वीवीआईपी पास रद्द कर दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।
मेला क्षेत्र में किए गए 5 बड़े बदलाव
नो-व्हीकल जोन घोषित: मेला क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालुओं को पैदल ही प्रवेश करना होगा।
VVIP पास रद्द: अब किसी भी विशेष पास के आधार पर वाहन मेला क्षेत्र में नहीं जा सकेंगे। वीआईपी और आम नागरिकों के लिए समान नियम लागू किए गए हैं।
वन-वे रास्ते: मेला क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के लिए मार्गों को एकतरफा कर दिया गया है। श्रद्धालु एक रास्ते से प्रवेश करेंगे और दूसरे रास्ते से बाहर निकलेंगे।
वाहनों की एंट्री पर रोक: प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर ही रोक दिया जा रहा है ताकि मेला क्षेत्र में भीड़ कम की जा सके।
4 फरवरी तक सख्त नियम: बसंत पंचमी के स्नान तक शहर में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचें। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ की घटना ने प्रशासन को और सतर्क कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 5 बड़े बदलाव किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने जनता से सहयोग करने की अपील की है ताकि कुंभ का आयोजन सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
मुआवजे की घोषणा
इस भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। रेलवे की ओर से भी मृतकों के परिवारों को 1-1 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले हाथरस में हुई भगदड़ में भी मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया था।





