back to top
23.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

भाभी से नजदीकी में गई थी प्रदीप की जान

– चचेरे भाइयो को गिरफ्तार कर पुलिस ने किया खुलासा कौशाम्बी, 24 जून (हि.स.)। सराय अकिल थाना क्षेत्र के जाठी गांव में प्रदीप हत्याकांड का खुलासा गुरुवार को पुलिस ने कर दिया है। पुलिस मामले में प्रदीप के दो चचेरे भाई अनिल यादव व अजीत यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के सामने अपने बयान में आरोपियों ने बताया, प्रदीप उनकी पत्नियों से घंटों कमरे में बैठा बातें करता रहता था। शक के आधार पर उन्होंने प्रदीप के खाने में जहर मिलाकर उसे मौत के घाट उतारा और फिर मौत को प्राकृतिक बता दाह संस्कार करा दिया। मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के छिकतपुर निवासी स्व. फूलचंद और उनकी पत्नी कुसुम की मौत अरसे पहले बीमारी के चलते हो गई। दोनों के बच्चे कुलदीप (25) और प्रदीप (23) को दादा रणधीर और नाना विशंभर अपने साथ रख कर पालन पोषण करने लगे। नाना सराय अकिल थाना क्षेत्र के जाठी गांव में रहते हैं। प्रदीप का लालन पालन वहीं होने लगा। 18 जून की रात अचानक प्रदीप के मौत की सूचना परिवार और रिश्तेदारों को हुई। सबने मिलकर प्रदीप की मौत को प्राकृतिक मान बिना पुलिस को सूचित किये दाह संस्कार कर दिया। लेकिन भाई कुलदीप को प्रदीप की मौत स्वाभाविक नहीं लगी। कुलदीप ने प्रदीप की मौत पर हत्या का शक जाहिर करते हुए सराय अकिल पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में कुलदीप ने मौसा चिरंजीलाल, चचेरे भाई अनिल अजीत उर्फ़ रानू, भानू व मंगलदास को आरोपी बनाया। भाभी से बात करना बना प्रदीप की मौत का कारण सराय अकिल पुलिस को प्रदीप कुमार यादव हत्याकांड की तफ्तीश के दौरान कोई ख़ास क्लू हत्या का नहीं मिल रहा था। नाना, मौसा और चचेरे भाई और रिश्तेदार प्राकृतिक मौत का दावा कर रहे थे। एक कुलदीप ही प्रदीप की हत्या किये जाने की जिद पकड़ कर बैठा था। सीनियर सब इन्स्पेक्टर परमानन्द यादव ने बताया, घर की महिलायें भी कुछ बोलने को तैयार नहीं थी। प्रदीप की काल डिटेल में भी कुछ ख़ास क्लू हांथ नहीं लगा। अचानक उन्होंने प्रदीप के मोबाइल की गैलरी देखना शुरू किया। जिसमें अनिल की पत्नी, व अजीत की पत्नी की तमाम तस्वीर प्रदीप के साथ मिली। तहकीकात की दिशा बदल अनिल और अजीत से पुलिस से पूंछतांछ शुरू की। जिसमे आरोपितों ने अपने गुनाह को कबूल कर लिया। खाने में जहर देकर भाई को दी मौत चचेरे भाई अनिल और अजीत अपनी अपनी पत्नियों से बात करते हुए देख प्रदीप पर शक करने लगे थे। कई बार उसे भाभियो से दूर रहने की हिदायत दी लेकिन वह उसके पास ही जाकर बैठा मिलता था। 18 जून की रात खाना खिलाने के बहाने प्रदीप को छत पर ले गए और खाने में जहर मिला उसे मौत की नींद सुला दिया। कातिल भाई भेजे गए सलाखों के पीछे सीनियर सब इन्स्पेक्टर परमानन्द ने बताया, प्रदीप यादव की हत्या में गिरफ्तार चचेरे भाइयो के कबूलनामे के आधार पर हत्या एवं सबूत मिटाने का केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है। हत्या के अन्य तीन आरोपियों की भूमिका न होने पर रिहा कर दिया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/विद्या कान्त

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

प्रहार नाम का मतलब – Prahar Name Meaning

Prahar Name Meaning – प्रहार नाम का मतलब :Attack/वार,...

सैलरी तो बढ़ी लेकिन जेब है खाली…जानिए क्या है लाइफस्टाइल इंफ्लेशन और इससे बचाव के तरीके

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पैसा किसे प्यारा नहीं होता? लोग...

West Bengal Assembly 2026: बिधाननगर सीट पर किसका रहा है पलड़ा भारी, जानिए यहां का सियासी इतिहास

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मुहाने...

जब देश में है तेल के कुएं का भंडार तो भारत विदेशों से क्यों खरीदता है क्रूड ऑयल?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बात में कोई दोराहे नहीं...

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...