back to top
19.1 C
New Delhi
Wednesday, March 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

यूजीसी बिल को लेकर राजनीतिक संग्राम तेज, पल्लवी पटेल ने सरकार को दी खुली चुनौती

पल्लवी पटेल ने विधानसभा में यूजीसी बिल पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि सरकार ने इसे जानबूझकर उलझाया और एक दिन उसे ‘घुटनों के बल’ इसे लागू करना पड़ेगा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा में यूजीसी बिल को लेकर अपना दल (कमेरावादी) की नेता और सिराथू सीट से विधायक पल्लवी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर यूजीसी बिल को कानूनी दांवपेंच में उलझा दिया है, ताकि इसे लागू होने से रोका जा सके। पल्लवी ने दावा किया कि आज भले ही सरकार टालमटोल कर रही हो, लेकिन आने वाले समय में उसे घुटनों पर आकर यही बिल लागू करना पड़ेगा। उनके इस बयान से सदन में सियासी माहौल और गरमा गया।

रिफॉर्म आंकड़ों का खेल या सच में बदलाव? – पल्लवी पटेल का सीधा सवाल

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान पल्लवी पटेल ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बीजेपी की नजर में ‘बदलाव’ और ‘रिफॉर्म’ का असली मतलब क्या है? क्या सुधार केवल आंकड़ों की बाजीगरी और सत्ता तक पहुंचने का जरिया भर है? पल्लवी ने कहा कि झूठे आंकड़े पेश कर और विकास के दावे कर सरकार अपनी छवि नहीं सुधार सकती। उनके इस बयान ने सदन में सियासी बहस को और तेज कर दिया।

यूजीसी बिल पर सरकार से दो-टूक सवाल

पल्लवी पटेल ने यूजीसी बिल को लेकर सरकार को सीधे निशाने पर लिया। सिराथू विधायक ने कहा कि असली बदलाव और रिफॉर्म का मकसद न्याय, समानता और दक्षता होना चाहिए, लेकिन बीजेपी सरकार ने इन मूल उद्देश्यों की ही अनदेखी कर दी।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी एक्ट 2026 को संसदीय समिति की सिफारिश और कोर्ट के निर्देशों के बाद लाया गया था, तो फिर उसे लागू करने में देरी क्यों की गई? पल्लवी का आरोप था कि पहले इसे लाकर पिछड़े और वंचित समाज को उम्मीद दी गई, फिर सुनियोजित तरीके से माहौल में तनाव पैदा कर इसे न्यायपालिका के पेचीदा दांवपेंच में उलझा दिया गया। उनके बयान से सदन में राजनीतिक बहस और तेज हो गई। 

BJP पर पल्लवी पटेल का तीखा प्रहार

पल्लवी पटेल ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा सवाल दागते हुए कहा-“आपको ये सब करके आखिर मिला क्या?” उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी समानता अधिनियम लागू होने के बाद वर्षों से चली आ रही वंचित और अगड़ा समाज के बीच की खाई को कम किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने उसे पाटने के बजाय और गहरा कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की नीति “चित भी अपनी, पट भी अपनी” जैसी हो गई है।

पल्लवी ने यह भी माना कि सवाल सिर्फ सरकार पर ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों पर भी उठ रहे हैं। उनका कहना था कि वंचित समाज आज उच्च शिक्षा और सम्मान के लिए अपने प्रतिनिधियों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। ऐसे में यह सभी की जिम्मेदारी है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा की जाए।

“जो तटस्थ है, समय लिख देगा उसका भी अपराध…” सदन में गूंजे नारे

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए पल्लवी पटेल ने कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां पढ़कर माहौल को भावुक और तीखा दोनों बना दिया-“जो तटस्थ है, समय लिख देगा उसका भी अपराध…”। उन्होंने कहा कि वह भविष्यवक्ता नहीं हैं, लेकिन उन्हें यकीन है कि जिस बीजेपी सरकार ने यूजीसी बिल को कोर्ट के दांवपेंच में उलझाया है, वही एक दिन घुटनों पर आकर इसे लागू करने को मजबूर होगी। पल्लवी ने दो टूक कहा कि बीजेपी का हर कदम ‘रिफॉर्म’ नहीं होता और सुधार के नाम पर राजनीति करना सही नहीं है। उनके इस बयान ने सदन में सियासी तापमान और बढ़ा दिया।

Advertisementspot_img

Also Read:

West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर...
spot_img

Latest Stories

ईद से पहले अपनी स्क्रीन का इस प्रकार रखें ध्यान, ग्लोइंग दिखेगा चेहरा

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। ईद का त्यौहार नजदीक है...

Vastu Tips: तुलसी का पौधा बनाएगा आपको मालामाल, बस करें ये खास उपाय

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। वास्तु शास्त्र हमारे जीवन के...