नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को Noida International Airport के फेज-1 का उद्घाटन किया। यह एयरपोर्ट जेवर में स्थित है और इसे उत्तर भारत के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में से एक माना जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भविष्य में बढ़ते हवाई यातायात को आसानी से संभाल सके। पहले चरण में इसकी क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष होगी, जबकि पूरी तरह विकसित होने पर यह सालाना लगभग 7 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
हाईटेक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट
इस एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो बड़े विमानों को भी संभाल सकता है। इसके अलावा इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और एडवांस एयरफील्ड लाइटिंग जैसी सुविधाएं हैं, जिससे हर मौसम में और 24 घंटे संचालन संभव होगा।
कनेक्टिविटी बनेगी सबसे बड़ी ताकत
यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित है, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले समय में इसे मेट्रो, सड़क और रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों के लिए यात्रा और आसान हो जाएगी। साथ ही यह दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर बढ़ते दबाव को भी कम करने में मदद करेगा।
कब शुरू होंगी उड़ान सेवाएं?
उद्घाटन के बाद 45 दिनों से 2 महीने के भीतर घरेलू उड़ानें शुरू होने की संभावना है। प्रारंभिक चरण में लगभग 10 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू की जा सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 2026 के अंत तक शुरू होने की योजना है। शुरुआती संचालन में IndiGo, Akasa Air और Air India Express जैसी एयरलाइंस शामिल होंगी।
इस परियोजना को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है, जो पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित है। इस परियोजना पर लगभग ₹11,200 करोड़ का निवेश किया गया है और इसे भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य संस्थानों से फंडिंग मिली है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जो न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा देगा बल्कि क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट देश के प्रमुख एविएशन हब के रूप में उभर सकता है।




