Budget 2024: अंतरिम बजट पर अखिलेश यादव दी अपनी प्रतिक्रिया, केन्द्रीय बजट को जन विकास के लिए बताया व्यर्थ

Budget 2024: संसद के निचले सदन लोकसभा में गुरुवार को पेश अंतरिम बजट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जन विकास को लेकर इसे व्यर्थ बताया है।
Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadavraftaar.in

लखनऊ, (हि.स.)। संसद के निचले सदन लोकसभा में गुरुवार को पेश अंतरिम बजट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जन विकास को लेकर इसे व्यर्थ बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर बजट को लेकर प्रतिक्रिया दी है।

ये भाजपा का 'विदाई बजट' है

सपा अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कोई भी बजट अगर विकास के लिए नहीं है और कोई भी विकास अगर जनता के लिए नहीं है तो वो व्यर्थ है। भाजपा सरकार ने जनविरोधी बजटों का एक दशक पूरा करके एक शर्मनाक रिकार्ड बनाया है, जो फिर कभी नहीं टूटेगा क्योंकि अब सकारात्मक सरकार आने का समय हो गया है। ये भाजपा का 'विदाई बजट' है।

देश के अर्थशास्त्री इस बजट को संतुलित बता रहे हैं

उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के निचले सदन लोकसभा में आज अंतरिम बजट पेश किया है। देश के अर्थशास्त्री इस बजट को संतुलित बता रहे हैं। हालांकि टैक्स में बदलाव नहीं किया गया है। वहीं सैलरीड क्लास को कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है, लेकिन देश के सुरक्षा को लेकर रक्षा बजट को बढ़ाया गया है। रक्षा खर्च 11.1 प्रतिशत बढ़ाया गया है, यह जीडीपी का 3.4 प्रतिशत होगा। वहीं ग्रामीण विकास और गरीबों के आवास योजना का लाभ दिए जाने का बजट बढ़ाया गया है।

हमारे देश में हर 5 साल में लोकसभी चुनाव होता है, इस दौरान जिस साल में लोकसभा का चुनाव होता है। उस साल दो बार वित्त मंत्री बजट पेश करते हैं। पहला बजट ऐतिहासिक तारीख 1 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा पेश होता है। इस साल निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश पेश किया। क्योंकि इस साल लोकसभा के चुनाव होंगे। ऐसे में केंद्र सरकार पूर्ण या यूनियन बजट पेश नहीं कर सकती। भारतीय संवैधानिक नियमों के अनुसार, तत्कालीन केंद्र सरकार केवल एक बार ही बजट पेश कर सकती है। गुरुवार 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट पेश किया। अंतरिम बजट कुछ महीनों के लिए होता है, जब तक कि नई केंद्र सरकार कार्यभार नहीं संभाल लेती।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.