— मूक बधिर आदित्य कर रहा है स्नातक की पढ़ाई, पिता वकील तो मां है शिक्षक कानपुर, 22 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता की एक टीम (एटीएस) मंगलवार को कानपुर के आदित्य गुप्ता के घर पहुंची, जो हाल ही में धर्मान्तरण कर अब्दुल बना था। टीम ने घर से दस्तावेजों को खंगाला और उन कारणों को जानने का प्रयास किया कि किन परिस्थितियों से आदित्य धर्मान्तरण कर अब्दुल कादिर बना। टीम को उसके घर से कई इस्लामिक किताबें मिली और यह भी पता चला कि वह उमर गौतम के सीधे संपर्क में था। धर्मान्तरण कराने वाले गिरोह की तह तक पहुंचने के लिए टीम ने आदित्य के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। धर्मान्तरण कराने वाले जिस बड़े गिरोह का पर्दाफाश नोएडा आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने किया है, उसके तार कानपुर से भी जुड़े हैं। गिरोह ने काकादेव के नवीन नगर निवासी अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता व शिक्षिका लक्ष्मी गुप्ता के मूक बधिर 24 वर्षीय बेटे आदित्य गुप्ता को भी अपने चंगुल में फंसाने में सफल रहे। हालांकि परिजनों ने शक होने पर पुलिस को स्वत: जानकारी देकर बेटे को काफी हद तक बचाने में फिलहाल सफल दिख रहे हैं। आदित्य तीन माह से अधिक समय से घर से गायब था, लेकिन अचानक रविवार को घर वापस लौट आया। हलांकि पहले वह ज्यादा कुछ नहीं बता रहा था, अब एटीएस मंगलवार को उसके घर पहुंच गई। एटीएस ने साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट के साथ उससे उन सभी बिन्दुओं पर वार्ता की जिससे वह आदित्य से अब्दुल कादिर बना। टीम को आदित्य ने बताया कि धर्मांतरण कराने वाला मास्टरमाइंड फतेहपुर निवासी श्याम प्रताप सिंह उर्फ उमर गौतम है। यह भी बताया कि सीधे उसके संपर्क में रहा। धर्म के प्रति बनाया जा रहा था कट्टर लखनऊ से कानपुर पहुंचे एटीएस के अफसरों की मानें तो अब तक की जांच में यह सामने आया है कि धर्मांतरण कराकर मूक-बधिरों का किसी बड़ी आतंकी साजिश में टूल्स की तरह इस्तेमाल करना चाहते थे। मूक-बधिरों को ट्रेनिंग देकर धर्म के प्रति बिल्कुल कट्टर बनाया जा रहा था। आदित्य ने बताया कि धर्मांतरण के पीछे किसी आतंकी साजिश की तैयारी थी। मूक-बधिरों का पूरी तरह ब्रेन वॉश करने के बाद उन्हें अपने मनसूबे में इस्तेमाल करने वाले थे। मगर इससे पहले ही धर्मांतरण गिराहे का खुलासा हो गया। दो मौलाना गिरफ्तार भी हो गए। एटीएस से पूछताछ में आदित्य ने बताया कि दिल्ली की नेशनल डेफ एसोसिशन ने से धर्मांतरण गिरोह के तार जुड़े हुए है। उसे सबसे पहले अच्छी पढ़ाई और नौकरी का झांसा देकर एनडीए बुलाया गया। इसके बाद वहां पर धर्मांतरण करने पर नौकरी, शादी और पैसों का लालच दिया गया। सिर्फ वह अकेला ही नहीं है जो एनडीए में जाने के बाद धर्मांतरण का शिकार हुआ है। उसकी तरह के कई बच्चे हैं जो एनडीए में जाने के बाद मुस्लिम धर्म अपनाया। उमर को मानता था आका, बरामद हुईं धार्मिक किताबें आदित्य का इतना ब्रेन वॉश कर दिया गया है कि अभी भी वह घर में नहीं रहना चाहता है। वह उमर समेत अन्य मौलानाओं को ही अपना आका मानता है। उनके कहने पर कुछ भी करने को तैयार है। हालांकि, एटीएस कानपुर यूनिट के प्रभारी पंकज अवस्थी ने इस संबंध में कोई अधिकृत बयान नहीं दिया। उनका कहना है कि अभी सिर्फ आशंका जताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वह कोई अधिकृत बयान देंगे। एटीएस की टीम ने आदित्य की मां लक्ष्मी देवी और पिता राकेश कुमार से पूछताछ की, तब पता चला कि आदित्य कुछ धार्मिक किताबें भी लाया था। इसे घर में चोरी-छिपे पढ़ता था। घर वालों के लाख मना करने के बाद भी वह नहीं मान रहा था।सभी किताबों पर नि:शुल्क की स्टैंप लगी हुई थी। एटीएस की टीम ने किताबों को और आदित्य के फोन को कब्जे में लिया है। आदित्य और उसके परिवार पर पुलिस, एलआईयू, एटीएस और मिलिट्री इंटेलीजेंस निगरानी बनाए हुए है। अलीगढ़ के युवक को बचाने की तैयारी एटीएस को पूछताछ में आदित्य ने बताया कि अलीगढ़ के एक मूक बधिर युवक को धर्मांतरण करने का प्रयास किया जा रहा है। आदित्य ने उस युवक की फोटो भी फेसबुक से दिखाई। इसके बाद से एटीएस ने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क कर युवक के परिजनों के पास भेजा। एटीएस का कहना है कि युवक के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है और युवक को धर्मांतरण होने से बचाना है। हिन्दुस्थान समाचार/अजय




