— आजादी के दीवानों की याद में कानपुर में मनाया जाता है गंगा मेला कानपुर, 02 अप्रैल (हि.स.)। भारत छोड़ो आंदोलन से पहले रंगों के त्योहार होली पर कानपुर के नौजवानों ने ऐसी होली खेली कि अंग्रेजी हुकूमत को नागवार गुजरा और जेल में बंद कर दिया। त्योहार पर ऐसी कार्रवाई से खफा कानपुरवासियों ने आजादी का बिगुल बजा दिया और पांच दिन तक पूरे शहर को बंद कर दिया। मजबूर होकर अंग्रेजों ने नौजवानों को छोड़ दिया और आजादी के दीवानों की याद में हर वर्ष की भांति शुक्रवार को भी कानपुर रंगों से सरोबार हो गया। पूरे देश ने बीते दिन होली के त्योहार को धार्मिक तौर पर धूमधाम से मनाया गया था, लेकिन क्रान्ति के शहर कानपुर में आज भी होली मनायी जा रही है, वह भी एक राष्ट्रीय पर्व के रुप में। यहां भारत माता की चूनर को धानी रंगने के लिये अबीर गुलाल उड़ाये जा रहे हैं और स्वतन्त्रता संग्राम की एक खास घटना का जश्न मनाने के लिये पूरा शहर रंगो से सराबोर है। इसकी शुरुआत आज हटिया के रज्जन बाबू पार्क से तिरंगा झंडारोहण के साथ हुआ। कानपुर का आसमान आज नीला नहीं बल्कि बसन्ती हो रहा है। वो बसन्ती रंग जिसका चोला पहन कर क्रान्तिकारी फांसी पर चढ़ गये थे। होली के दिन जितना रंग नहीं उड़ाया गया होगा, उससे सैंकड़ों गुना ज्यादा रंग आज दीवानों पर चढ़ा हुआ है। हर गली कूचे में रंग खेला जा रहा है तो हटिया का प्रसिद्ध होली ठेला शहर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करते हुए निकल रहा है। दरअसल क्रान्तिकारियों के इस शहर में एक सप्ताह तक होली मनाने की परम्परा स्वाधीनता संग्राम की एक घटना से जुड़ी हुई जो अंग्रेजी हुकूमत की हार का प्रतीक है। उस समय कुछ देशभक्त नौजवानों की एक टोली ने हटिया इलाके से निकल रहे अंग्रेज पुलिस अधिकारियों पर रंग डालकर ‘टोडी बच्चा हाय हाय’ के नारे लगाये थे। इसके बाद अंग्रेजी हुकूमत का कहर बरपा और घुड़सवार पुलिस ने डंडे बरसाते हुए कई जियाले नौजवानों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। तब स्वतन्त्रता सेनानी बाबू गुलाब चन्द्र सेठ की अगुवाई में ऐसा जन आन्दोलन खड़ा हुआ कि ब्रिटानिया हुकूमत थर्रा उठी। पांच दिनों तक चले संघर्ष के बाद सभी गिरफ्तार देशभक्त जियाले अंग्रेजी कैद से छुड़ा लिये गये। तब देशभक्तों ने अपनी जीत का जश्न मनाने के लिये होली का मेला लगाया और जमकर अबीर गुलाल उड़ाया। इस ऐतिहासिक घटना के दिन अनुराधा नक्षत्र था और तब से हर साल होली के बाद अनुराधा नक्षत्र पर होली मेला लगाने की परम्परा पड़ गयी। इस गंगा मेला में हटिया रज्जन बाबू पार्क में विधान परिषद सदस्य सलिल विश्नोई , विधायक अमिताभ बाजपेयी और कई अधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। झण्डारोहण के बाद हटिया बाजार से रंगों का ठेला निकला और हजारों की भीड़ रंग बरसाते हुए सरसैया घाट पहुंचने लगी। हटिया मेला कमेटी के संयोजक ज्ञानेन्द्र विश्नोई ने बताया कि रंग खेलने के बाद सरसैया घाट पर लगे मेले में सभी शहरवासी एक—दूसरे को गंगा मेला की बधाइयां देंगे। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित




