जौनपुर, 11 मार्च (हि.स.)। सुजानगंज मछली शहर रोड पर फरीदाबाद स्थित श्री गौरी शंकर धाम पर गुरुवार को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्री गौरीशंकर धाम में बुधवार से ही पूरी तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। गुरुवार भोर में 05 बजे मंदिर का दरवाजा खुलते ही हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए पंक्ति में लगे श्रद्धालुओं ने शिवजी को जल, बेलपत्र, धतूर, गाय का दूध, भांग, काला तिल, गंगाजल, नीलकंठ और पुष्प अर्पित कर भक्ति भावना के साथ पूजा अर्चना करते हुए जल चढ़ाना शुरू कर दिया। जिला प्रशासन भी शिव भक्तों की लंबी कतारें देखते हुए चुस्त-दुरुस्त रहा। सीसीटीवी कैमरे से पूरे मंदिर परिसर की निगरानी की जा रही थी। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौरीशंकर पर जल चढ़ाया। सुरक्षा की दृष्टि से सुजानगंज के साथ साथ आसपास के थानों से पुलिस बल मौजूद रही। मंदिर में स्थापित शिवलिंग स्वयंभू एवं कालातीत होने के साथ साथ अर्धनारीश्वर के रूप में है, जो अद्वितीय है। मंदिर के विषय में कथा प्रचलित है कि जहां यह मंदिर स्थापित है, वहां पहले घनी झाड़ियां थी। 14वीं सदी की बात है, लोग अपनी गायें चराने के लिए लाते थे। एक दिन एक गाय इसी घनी झाड़ी में घुस गयी और काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिली। शाम को जब स्वामी अपनी गाय को ढूंढते-ढूंढते झाड़ी के समीप पंहुचा तो वहां का दृश्य देख आश्चर्यचकित रह गया। गाय एक स्थान पर शांतचित्त खड़ी थी और उसके थन से दूध अपने आप एक काले पत्थर पर गिर रहा था। इस दृश्य को देखकर उसने कई लोगों को बताया। तभी किसी को स्वप्न आया कि उस पत्थर को उखाड़ो मत, बल्कि वहीं एक मंदिर का निर्माण करा दो। स्थानीय निवासियों ने सामूहिक रूप से इस मंदिर का निर्माण करा दिया गया। जो आज भी लोगों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। जिले के अलावा अन्य जनपदों के भी भक्त शिवरात्रि के पावन पर्व पर यहां दर्शन करने के लिए आते हैं। इसी क्रम में जिले के प्रसिद्ध त्रिलोचन महादेव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं ने पहुंचकर जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा आराधना किया। हिन्दुस्थान समाचार/विश्व प्रकाश




