अयोध्या, 18 जून (हि.स.)। डाॅ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.रविशंकर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को परिसर में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के आय-व्यय एवं शुल्क के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। जिसमें विवि के वित्त अधिकारी धनजंय सिंह ने विभागाध्यक्षों, निदेशकों एवं समन्वयकों के सामने विभिन्न पाठ्यक्रम से सम्बधित आय-व्यय का व्योरा प्रस्तुत किया। बैठक की समीक्षा करते हुए कुलपति ने परिसर में संचालित कम आय वाले पाठ्यक्रमों पर समन्वयकों से नाराजगी जताई। कहा कि इन पाठ्यक्रम की आय बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर से प्रयास तेज कर दे। कुलपति ने कहा कि परिसर में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन 15 जुलाई तक मांगे गए है। सभी स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के विभागाध्यक्ष, निदेशक एवं समन्वयक अपने स्तर से पाठ्यकमों की आय बढ़ाने के लिए विभागीय शिक्षकों द्वारा प्रयास प्रारम्भ कर दें। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि परिसर संचालित पाठ्यक्रमों की उपयोगिता के प्रचार-प्रसार के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में अपने स्तर से लोगों को बताये। जिन पाठ्यक्रमों की आय कम हो रही है। उन्हें भविष्य में चलाना विश्वविद्यालय के लिए सम्भव नहीं होगा। इसलिए इन पाठ्यक्रमों में होने वाले खर्च को कम करने का निर्देश प्रदान किया। बैठक में वित्त अधिकारी ने सत्र 2020-21 में होने वाले आय-व्यय का व्योरा सभी पाठ्यक्रमों के विभागाध्यक्ष, निदेशक एवं समन्वयक के समक्ष बारी-बारी से रखा। बैठक में पाठ्यक्रम की आय बढ़ाने के लिए अन्य उपायों पर भी चर्चा की गई। कुलसचिव उमानाथ, मुख्य नियंता प्रो.अजय प्रताप सिंह, प्रो.नीलम पाठक, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. राजीव गौण, प्रो. फारूख जमाल, प्रो. के.के. वर्मा, प्रो.विनोद श्रीवास्तव, डाॅ.अशोक कुमार राय, प्रो.अनूप कुमार, प्रो. रमापति मिश्र, प्रो. शैलेन्द्र वर्मा, डाॅ. गीतिका श्रीवास्तव, डाॅ. सुरेन्द्र मिश्र, डाॅ. विजयेन्दु चतुर्वेदी, डाॅ.राजेश सिंह कुशवाहा, डाॅ.विनय मिश्र, प्रोग्रामर रवि मालवीय सहित अन्य उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/पवन/दीपक




