नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव शुक्रवार को लखनऊ में एक नए अंदाज में नजर आए। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले वे लाल रंग की सिख पगड़ी में दिखाई दिए, जो चर्चा का विषय बनी रही। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने एक बार फिर वोट चोरी और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। अखिलेश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “अगर वोट की डकैती चलती रही तो हो सकता है कि देश की जनता भी आसपास के देशों की तरह सड़कों पर दिखाई दे।” उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए उम्मीद जताई कि आयोग निष्पक्ष भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग ईमानदारी से काम करेगा और बीजेपी का ‘जुगाड़ आयोग’ नहीं बनेगा।”
“सीएम बनाने के लिए लाया गया था बेबी मौर्या को, अब अपमान हो रहा है”
अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बेबी रानी मौर्या को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के इरादे से लाया गया था, लेकिन अब उनका अपमान किया जा रहा है और ये अपमान वही करा रहे हैं जो खुद मुख्यमंत्री हैं।
यूपी डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को भी घेरा
सपा अध्यक्ष ने इसके साथ ही यूपी के स्वास्थ्य सिस्टम और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “जो डांट खाकर काम करता हो, जिनकी खुद गाड़ी छीन ली गई हो, उन डिप्टी सीएम से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं?”
“दिनेश प्रताप सिंह सपा में ठेकेदारी करते थे”
अखिलेश यादव ने दिनेश प्रताप सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह पहले कांग्रेस में थे और सपा में थे तो ठेकेदारी करते थे। अखिलेश ने उन्हें “खोखले लोग” बताते हुए कहा कि इसी कारण ये लोगों के लिए ऐसी बातें करते हैं।
आत्मदाह की घटनाओं पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने प्रदेश में आत्मदाह के मामलों पर चिंता जताई और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पहले कुछ लोग मुख्यमंत्री के घर के बाहर जहर खा रहे थे, अब हमारी पार्टी कार्यालय के बाहर भी आत्मदाह की घटनाएं हो रही हैं। यूपी में आत्मदाह का रिकॉर्ड बन रहा है।”
अखिलेश यादव ने सिख समाज को दिया धन्यवाद
अखिलेश यादव आज नए अंदाज में लखनऊ के सपा कार्यालय पहुंचे, जहां सिख समाज की ओर से उन्हें लाल रंग की सात मीटर लंबी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर ही यह सम्मान दिया गया, जिस पर अखिलेश यादव ने सिख समाज का तहे दिल से धन्यवाद किया।




