गाजियाबाद, 21 मार्च (हि. स.)। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अपर निदेशक बीपी यादव ने कहा कि जल व वायु प्रदूषण के लिए हम सब जिम्मेदार हैं, इसके लिए सरकारों अथवा संबंधित विभागों की ही जिम्मेदारी मानना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता जन सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी के बिना संभव नहीं है। श्री यादव रविवार को हिंदी महोत्सव के तीसरे दिन सिटी फॉरेस्ट में इनवायरमेंट एंड सोशल डेवलपमेंट एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित सेमिनार हिंडन मंथन में मुख्य वक्ता के रुप में बोल रहे थे। यह सेमिनार विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में वर्षा जल संचय तथा हिंडन नदी के निर्मल अविरल धारा के विषय पर आयोजित किया गया था, जिसमें पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों व अधिकारियों ने अपने विचार रखे। मेयर आशा शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद के लोग आज साईं उपवन व कान्हा उपवन (सिटी फारेस्ट के कारण ही ऑक्सीजन ले पा रहे हैं, यदि ये उपवन नहीं होते तो आज हमारे लिए शुद्ध हवा में सांस लेना सम्भव नहीं होता। पर्यावरणविद ज्ञानेंद्र रावत ने कहा कि मंचासीन लोग, पर्यावरणविद, वैज्ञानिक, राजनेता, सरकार के नुमाइंदे केवल योजनाओं को बता एवं लागू कर सकते हैं, लेकिन योजनाएं सफल तभी होंगी, जब उनमें स्वेच्छा से जनसहभागिता होगी। आम आदमी को प्रकृति के प्रति अपना नैतिक दायित्व निभाने से ही हालात सुधरेंगे। जिला वन अधिकारी दीक्षा भंडारी ने कहा कि हिन्डन मरी नहीं है, बीमारी से ग्रस्त है। इसलिए इसका उपचार किया जा रहा है। लेकिन नई बीमारी रोकना जरुरी है, तभी इसकी स्थिति बदली जा सकती है। जामिया मिलिया के प्रोफेसर सिराजुद्दीन ने कहा कि नदियों के पानी का स्वाभाविक रुप अमृत ही है, लेकिन हमने अपने स्वार्थों के कारण इसे विष बना दिया है। नदियों को साफ करने के प्रयासों से ज्यादा उन्हें गंदा न होने देना की मुहिम लर काम करना होगा। हिन्दुस्थान समाचार/फरमान/दीपक




