कासगंज, 19 मई (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोविड-19 को मात देने के लिए लोगों द्वारा तरह—तरह की विधियां अपनाई जा रही है। वैक्सीनेशन, देसी दवाई, होम्योपैथिक उपचार, एवं घरेलू मसालों का उपयोग कर लोग कोरोना को मात देने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण अंचल में अब वैदिक रीति-रिवाजों से हवन पूजन कर मंत्रोच्चारण के साथ कोरोना भगाने की पहल की जा रही है। सामाजिक संस्था दुलार सेव द प्लांट ने एक अभियान चलाकर धूम्र चिकित्सा के माध्यम से कोरोना वायरस को उखाड़ फेंकने का प्रयास किया। संस्था के सदस्यों ने घरों में हवन यज्ञ कर वातावरण शुद्ध किया था। इसी पहल को ग्रामीण अंचल में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। ढोलना क्षेत्र में कई गांव में यह सिलसिला प्रारंभ हो गया है। मोहम्मदपुर के प्रधान ने गांव में स्थित मंदिर पर हवन यज्ञ का आयोजन किया है। मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां दी हैं। और कोरोना को मात देने का प्रयास किया है हवन प्रक्रिया को लेकर क्या कहते हैं ग्रामीण ढोलना क्षेत्र के ग्राम महमदपुर निवासी किसान हरिओम का कहना है कि हमारे देश की संस्कृति के मुताबिक पौराणिक काल में हवन यज्ञ के माध्यम से वातावरण शुद्ध हुआ करता था, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में हम इन पद्धतियों को भूल गए हैं। कोरोना के चलते जो वातावरण अशुद्ध हुआ है। पहले इसकी शुद्धिकरण के लिए हम सब हवन यज्ञ कर रहे हैं। ग्राम नगला मोती निवासी मोहनलाल का कहना है कि यज्ञ पद्धति से तमाम तरह के वायरस समाप्त हो जाते हैं। यज्ञ से उठने वाला धुआं एवं इसकी लपटें वातावरण को शुद्ध करती हैं। कोरोनावायरस निश्चित ही इस पद्धति से समाप्त होगा, ऐसा उन्हें विश्वास है। हिन्दुस्थान समाचार/पुष्पेंद्र सोनी





