जयपुर, 29 जून(हि.स.)। अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-8 महानगर प्रथम ने ग्रेटर नगर निगम के आयुक्त से अभद्रता और धक्का-मुक्की करने के मामले में निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर व निलंबित पार्षदों के खिलाफ ज्योति नगर थाना पुलिस की ओर से पेश आरोप पत्र को वापस लौटा दिया है। इसके साथ ही अदालत ने जांच अधिकारी को नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने माना है कि पुलिस ने अधूरा आरोप पत्र पेश किया है। कोर्ट ने माना कि अनुसंधान अधिकारी ने केस के आरोपितों को चार्जशीट पेश करने की सही सूचना नहीं दी और ना ही सूचना पर आरोपितों के हस्ताक्षर ही करवाए। गौरतलब है कि ज्योतिनगर थाना पुलिस ने गत दिनों सौम्या गुर्जर, अजय सिंह, पारस जैन, शंकर शर्मा और रामकिशन प्रजापत के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर निगम आयुक्त यज्ञमित्र सिंह के साथ मारपीट और राजकार्य में बाधा का आरोप प्रमाणित माना था। मामले में निगम आयुक्त ने गत चार जून को ज्योति नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शहर में सफाई करने वाली कंपनी बीवीजी के संबंध में मेयर के कक्ष में बैठक हो रही थी। इस दौरान तत्कालीन मेयर सौम्या गुर्जर ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वहीं अन्य पार्षदों ने व्यक्तिगत लांछन लगाए और जब वह कलेक्ट्रेट जाने के लिए बाहर निकलने लगे तो उन्हें वहां से बाहर नहीं जाने दिया गया और पार्षदों ने हाथापाई करते हुए अभद्रता की। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर





