नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजस्थान में लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग ने नए साल की शुरुआत एक सख्त अभियान के साथ की है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने “नो लगेज कैरियर अभियान” शुरू किया है। इस अभियान के तहत अगर किसी यात्री वाहन पर लगेज कैरियर पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर वाहन को मौके पर ही सीज भी किया जाएगा।
किन वाहनों पर होगी कार्रवाई?
परिवहन आयुक्त पुरूषोत्तम शर्मा के निर्देश पर जयपुर आरटीओ प्रथम के अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत ने आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सिटी बस, स्कूल बस, स्टेट कैरिज बस, टैक्सी और अन्य सभी यात्री वाहनों पर लगेज कैरियर लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
AIS मापदंडों का हवाला
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि AIS (ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स) के तहत यात्री वाहनों पर किसी भी प्रकार का लगेज कैरियर लगाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कई वाहन नियमों को नजरअंदाज कर सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। अधिकारियों के मुताबिक वाहन की छत या पीछे भारी सामान रखने से उसका संतुलन बिगड़ जाता है। तेज रफ्तार, अचानक ब्रेक या मोड़ के दौरान वाहन पलटने का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर बसों में ऊपर रखा सामान कई बार गंभीर हादसों की वजह बन चुका है।
बस ऑपरेटर्स में नाराजगी
इस फैसले को लेकर बस ऑपरेटर संगठनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लगेज कैरियर हटने से यात्रियों का सामान रखने में दिक्कत होगी। साथ ही, इससे जुड़े कई लोगों का रोजगार भी प्रभावित होगा। कुछ संगठनों ने इस फैसले का विरोध करने की बात भी कही है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अभियान की शुरुआत हो चुकी है और नियम तोड़ने वालों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। विभाग का कहना है कि यात्रियों की जान की सुरक्षा सबसे पहले है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग का यह अभियान अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इससे हादसों पर कितनी लगाम लग पाती है और बस ऑपरेटरों के विरोध का क्या असर पड़ता है।




