जयपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। राज्य में गहराता कोरोना संकट नई आशंकाओं को जन्म दे रहा है। सरकार ने भविष्य में भयावह होती स्थिति को भांपते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके तहत कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने आदेश निकालकर महाविद्यालयों में गर्मी की छुट्टियों की सूचना के साथ ही सरकार की ओर से सभी प्राध्यापकों, व्याख्याताओं और स्टॉफ को अलर्ट रहने के साथ मुख्यालय नहीं छोडऩे के निर्देश दिए हैं। साथ ही, हर कार्मिक को मोबाइल पर उपलब्ध रहने के लिए पाबंद किया है। महामारी को लेकर कोताही बरतने वाले कार्मिक के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की चेतावनी भी दी गई है। कॉलेज शिक्षा आयुक्त संदेश नायक ने यह आदेश जारी किया है। आदेश में सभी कार्मिकों को आगामी आदेश के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। जिला प्रशासन आवश्यकता के समय किसी भी कर्मचारी से सहयोग ले सकता है। इसके लिए हर कर्मचारी को तैयार रहना होगा। सरकार की अनुमति के दौरान छुट्टियों में भी महाविद्यालय के कार्यालय खुलेंगे। इस दौरान शैक्षणिक स्टॉफ को बिन बुलाए नहीं आना है। इसके अलावा प्राचार्य के साथ में आहरण एवं वितरण अधिकारी को कार्यालय आने की छूट रहेगी। शैक्षणिक कार्य से जुटा स्टॉफ उनके स्तर पर सुगम सुविधा के साथ घर से ही पाठ्यक्रम पूरा कराने के प्रयास करेंगे। ताकि, समय रहते पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके। संभागवार विशिष्ट सहायता प्रकोष्ठ की अस्थाई स्थापना होगी। आयुक्तालय जयपुर में स्थापित यह प्रकोष्ठ केवल प्राचार्यों की सुविधा के लिए सुबह 10.30 से दोपहर दो बजे तक खुला रहेगा। उदयपुर संभागीय प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी डॉ. के.एल. सराधना को दी गई है। इसी तरह जयपुर के लिए डॉ. सौमित्र नाथ झा, अजमेर के लिए डॉ. अल्पना व्यास, भरतपुर के लिए डॉ. आर.सी. मीना, बीकानेर के लिए डॉ. बी. एल. शर्मा, जोधपुर के लिए डॉ. दीपाली भार्गव, कोटा से पद्मश्री पटनायक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप




