अजमेर, 13 मार्च(हि.स.)। ब्यावर शहर के राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की मदर चाइल्ड विंग के शिशु आईसीयू वार्ड में शनिवार सुबह शॉर्ट शर्किट के कारण आग लग गई। अचानक लगी इस आग के कारण विंग में अफरातफरी मच गई। आग लगने का प्रारंभिक कारण एससी में हुआ शॉर्ट शर्किट सामने आया है। शॉर्ट शर्किट होते ही एसी से चिंगारियां निकलने लगी और देखते ही देखते विंग के सभी विद्युत उपकरण जल गए और विंग में हर तरफ धुंआ ही धुंआ हो गया। विंग में ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारी इधर. उधर भागने लगे। घटना के दौरान विंग में कुल 16 नवजात बच्चे भर्ती थे। सभी के मन में सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की चिंता सता रही थी। उधर, एमसीएच में लगी आग की जानकारी मिलते ही पीएमओ डॉ आलोक श्रीवास्तव तथा अन्य स्टाफ सदस्य मौके पर पहुंचे गए। नगर परिषद के अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। दमकल कर्मचारियों ने मौके पर पहुंकर अस्पताल के सेंट्रल फायर फाइटिंग सिस्टम की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया। पीएमओ डॉ आलोक श्रीवास्तव अपने कर्मचारियों के साथ 16 नवजात बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुट गए। ’खिड़की को तोड़कर नवजातों को बचाया गया’ वार्ड के पीछे की खिड़की को तोड़कर सभी बच्चों को एमटीसी में शिफ्ट किया गया।आखिर स्टाफ सदस्यों की मेहनत काम आई और सभी 16 नवजात बच्चों को एमटीसी विभाग ने शिफ्फट किया गया। भगवान का शुक्र रहा कि आग की घटना से किसी भी नवजात को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ और सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर लिया गया। बच्चों को सुरक्षित रूप से अन्यत्र शिफ्ट करने के बाद कहीं अस्पताल प्रशासन की जान में जान आई। अस्पताल में आग की घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भारी भीड़ अस्पताल के बाहर जमा हो गई। पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुचा तथा भीड़ को नियंत्रित किया। अस्पताल प्रबंधन की सूझबूझ से बड़ी जनहानि होने से बचा लिया गया। ’समय पर पहुंचे कई अधिकारी’ जानकारी मिली है कि आग लगने के तुरंत बाद स्टाफ सदस्य अशोक सेन, अशोक काले, परमेश्वर पारीक सबसे पहले पहुंचे तथा पीएमओ डॉ आलोक श्रीवास्तव के साथ मिलकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान एमसीएच की प्रभारी डॉ विद्या सक्सैना, डॉ एमएस चांदावत, डॉण् पीएम बोहरा, डॉण् दीपाली मीणा तथा डॉण् श्रुति चौधरी भी मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर बाद सीओ पुलिस हीरालाल सैनी तथा प्रशिक्षु आरपीएस मनीष शर्मा भी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का मौका.मुआयना किया। उधर अस्पताल प्रशासन ने सभी बच्चों को अस्पताल की गहन चिकित्सा ईकाई में शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया है। जब तक शिशु आईसीयू वार्ड पुनः दुरुस्त नहीं होता है तब तक बच्चों को यहीं पर रखा जाएगा। इस संबंध में अस्पताल पीएमओ डॉ आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि एसी में हुए शॉर्ट शर्किट के कारण शिशु आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई थी, समय रहते जानकारी मिलने के कारण आग बुझाने के प्रयास समय पर शुरू हो सके और वार्ड में भर्ती सभी 16 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/ ईश्वर





