भीलवाड़ा, 09 जून (हि.स.)। भीलवाडा जिले के माण्डलगढ़ तहसील के बीगोद निवासी अब्दुल वहाब पुत्र हारून आजाद लुहार का जैविक गतिविधि के अन्तर्गत आत्मा योजनान्तर्गत वर्ष 2020-21 में कृषक पुरस्कार हेतु राज्य स्तर पर प्रगतिशील कृषक के लिए चयन हुआ है। आत्मा परियोजना के निदेशक, डॉ. जी.एल. चावला ने बताया कि अपनी जमीन पर जैविक तरीक से खेती की एवं उन्नत पशुपालन की तरफ अपना रूझान बढ़ाया एवं अधिक उत्पादन प्राप्त किया। इस हेतु आत्मा योजनान्तर्गत राज्य स्तर पर राज्य सरकार द्वारा प्रथम पुरस्कार के रूप में रूपये 50,000 देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कृत कृषक अब्दुल वहाब ने अपने पॉली हाउस व नेट हाउस में खीरा ककड़ी और शिमला मिर्च का उत्पादन किया। जिससे एवरेज मूल्य 20 रुपये प्रति किलों के हिसाब से 14 लाख रुपये की आमदनी हुई। कृषक का रूझान जैविक खेती की तरफ अधिक रहा। अब्दुल वहाब ने जैविक तकनीक अपनाई जिसमें वर्मीकम्पोज, डी कम्पोज, अग्नीस्त्र, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, बीजामृत, हुमिक एसिड, सहजन की पत्तियों का अर्क सहित उन्य चीजों का इस्तेमाल किया गया। खरीफ व रबी फसलों में अब्दुल वहाब द्वारा जैविक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। जिसमें जैविक खाद एवं दवाईयां स्वयं अपने स्तर पर ही तैयार करके फसलों में काम में लिया। कृषक अब्दुल वहाब ने संतरा, मौसमी और अमरूद के बगीचे भी लगा रखे है। जिससे सालाना संतरा किस्म नागपूरी उत्पादन से 16 लाख रुपये, अमरूद किस्म एल-49 उत्पादन से 6 और मौसमी किस्म चवन्नी छाप उत्पादन से 4.80 लाख रूपये की अमदनी प्राप्त की। कृषक अब्दुल वहाब ने पशुपालन क्षैत्र में भी आठ जर्सी गाय, चार मुर्रा भैंस से प्राप्त 80 लीटर दूध मार्केट में बन्दी से जाता हैं, जिससे प्रतिदिन 2400 रुपये आमदनी हो रही हैं। हिन्दुस्थान समाचार/मूलचन्द पेसवानी/संदीप




