जोधपुर, 11 मार्च (हि.स.)। गर्मी की दस्तक के साथ ही पानी की मांग में इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही इंदिरा गांधी नहर में अब तक का सबसे बड़ा क्लोजर 22 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इन हालात में जलदाय विभाग के समक्ष प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर में जलापूर्ति को बरकरार रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। कहने को तो विभाग ने क्लोजर को ध्यान में रखकर पूरी तैयारी कर ली है, लेकिन अंदरखाने अधिकारी भी घबरा रहे है कि कहीं हालात बिगड़ न जाए। इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत करने के लिए इस बार 70 दिन का क्लोजर लिया जा रहा है। ऐसे में पंजाब से नहर में पानी की आवक नहीं होगी। इस स्थिति से निपटने के लिए जलदाय विभाग ने मुख्य नहर में ही जोधपुर के लिए पानी को एकत्र कर रखने की योजना बना रखी है। वहीं जोधपुर के प्रमुख जलाशयों तखतसागर व कायलाना को पूरी क्षमता से भर दिया गया है। जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर नीरज माथुर का कहना है कि क्लोजर से उपजने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है। हालांकि इंजीनियरों की कमी के कारण कुछ दिक्कतें भी है लेकिन उपलब्ध इंजीनियर शहर के लोगों को किसी प्रकार का संकट खड़ा नहीं होने देंगे। इंजीनियरों की पदोन्नति से कुछ दिक्कत आ सकती है, लेकिन यह भी एक सामान्य प्रक्रिया है। माथुर ने कहा कि गर्मी के दिनों में पानी की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में तीन दिन में एक बार जलापूर्ति करना उचित नहीं होगा। इस पर विचार नहीं किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश/संदीप





