नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे रोड एक्सीडेंट का मामला अब राजनीतिक बन गया है। कांग्रेस से लेकर बीजेपी ने इस हादसे पर दुख जताया है और कोर्ट के फैसले से असंतुष्टि जताई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश में अमीरों और गरीबों के लिए मोदी जी ने अलग-अलग कानून बना रहे हैं।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बस ड्राइवर, ट्रक ड्राइवर, ओला-उबर ड्राइवर, ऑटो ड्राइवर अगर गलती से किसी को मार देते हैं तो 10 साल की जेल में सज़ा होती है और चाबी उठा कर फेंक दी जाती है। लेकिन अगर अमीर घर का लड़का, 16-17 साल का बेटा पोर्श गाड़ी को शराब पीकर चलाता है और दो लोगों की हत्या करता है तो उसे कहा जाता है कि एससे (निबंध) लिख दो। एससे बस ड्राइवर से ट्रक ड्राइवर से क्यों नहीं लिखवाते? ओला-उबर या ऑटे ड्राइवर से क्यों नहीं लिखवाते? नरेंद्र मोदी से पूछा गया कि दो हिंदुस्तान बन रहे हैं, एक अरबपतियों का, एक गरीबों का तो उनका जवाब आता है क्या मैं सबको गरीब बना दूं। सवाल ये नहीं है, सवाल न्याय का है। अमीरो को, गरीबो को दोनों को न्याय मिलना चाहिए। न्याय सबके लिए एक जैसा हो। इसलिए हम लड़ रहे हैं अन्याय के खिलाफ।
एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने दी प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने इस मामले में मीडियो को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैंने सख्त जांच-पड़ताल के आदेश दिए हुए हैं। देश में कानून सबके लिए एक समान है चाहे वो अमीर हो या गरीब। मृतकों के परिवार को न्याय ज़रुर मिलेगा। इस मामले में डिप्टी सीएम अजित पवार ने भी कहा कि पुलिस की टीम जांच में जुटी है।
देवेंद्र फडणवीस ने JJB के फैसले की आलोचना की
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में उन्होंने पुणे पुलिस के साथ बैठक करने के बाद, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि जिन शर्तो पर नाबालिग आरोपी को 15 घंटों के अंदर जमानत दे दी गई वे बेहद ही चौंकाने वाले हैं। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के फैसले पर कई सवाल उठाए। देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड अपने फैसले पर दोबारा सोचें। अगर यहां से न्याय नहीं मिलता तो आप हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
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