नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पुणे में पोर्शे कार की टक्कर से दो लोगों की मौत के बाद डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस एक्शन मोड में आ गए हैं। इसके साथ कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस घटना को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार उस आरोपी नाबालिग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगी। साथ ही फडणवीस ने लड़के को दी गई “कम” सजा की भी निंदा की।
फडणवीस ने की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम फडणवीस ने सीपी कार्यालय में पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। पुलिस अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में फडणवीस ने कहा कि पुणे में हुई घटना परेशान करने वाली है। इस हादसे में हुई दो की मौत से मै आहात हूं। इसके साथ बैठक में डिप्टी सीएम फडणवीस ने अब तक क्या हुआ है और इस मामले में क्या कार्रवाई हुई इसका जायजा भी लिया है?
सीएम शिंदे ने की पुलिस से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश
गौरतलब है कि पुणे कार एक्सीडेंट मामले में गिरफ्तार 3 आरोपियों को पुणे की विशेष अदालत ने 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने भी इस मामले में पुलिस से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दराअसल, महाराष्ट्र के पुणे में एक तेज रफ्तार पोर्श कार ने एक्सीडेंट में दो मोटरसाइकिल सवार लोगों की जान ले ली। जिसका खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ। इस दुर्घटना को अजांम देने वला शख्स एक नाबालिग लड़का था। जो कि अपने 12वीं कक्षा के नतीजों का जश्न एक पब में मना रहा था। जिसके बाद आरोपी ने शराब पीकर पोर्श कार से दो लोगों को टक्कर मार दी जिसमें मैके पर दोनों लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद नाबालिग को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। लेकिन इसके कुछ घंटों के अंदर ही किशोर न्याय बोर्ड ने उसके रिहाई का आदेश दे दिया। जिसमें न्याय बोर्ड उसे शराब छोड़ने और पुणे ट्रैफिक पुलिस के साथ 15 दिन तक काम में मदद करने की शर्त रखी। इसके अलावा न्याय बोर्ड ने उसे इस दुर्घटना पर 300 शब्दों का एक निबंध लिखने के लिए कहा है।
फड़णवीस ने दिया कड़ी कार्रवाई का आश्वसन
मुख्य आरोपी को जमानत मिलने पर लोगों ने नाराजगी जताई है लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा कि 2 मासूम लोगों की जान चली गई और सजा ऐसी मामूली मिली है। लोगों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाना शुरु कर दिया। जिसके बाद इस हादसे में मारे गए मृतकों के परिवार वालों ने प्रदेश की न्याय व्यवस्था सवाल उठाना शुरु कर दिया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सबके लिए एक समान है तो यहां इतनी भेद-भाव क्यों? इस मामले के तुल पकड़ने के बाद महाराष्ट्र का शासन और प्रशासन दोनो हरकत में आ गए। जिसके बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि हमने किशोर न्याय (जेजे) बोर्ड के आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की है, जिससे भारी सार्वजनिक आक्रोश है। मैंने अब तक की जांच अपडेट का जायजा लिया है। हम घटना के आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
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