मुंबई,20 जून (हि.स.)। पालघर के डहाणू इलाके में बंदरगाह बनाने की विशाल परियोजना का विरोध कर रहे लोगो और संगठनों ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के उस फैसले का स्वागत किया गया है, जिसमें केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय के उस कार्यालय ज्ञापन पर रोक लगाई गई है जिसके तहत बंदरगाह, जेटी और निकर्षण परिचाल को गैर औद्योगिक गतिविधि की श्रेणी में शामिल किया गया था। एनजीटी ने इस हफ्ते दिए फैसले में कहा कि पिछले साल जून में जारी कार्यालय ज्ञापन का दोबारा मूल्यांकन और कम से कम पांच विशेषज्ञों वाली समिति द्वारा पुनर्विचार करने की जरूरत हैं जिसमें परिस्थितिविद और जीव विज्ञानी भी शामिल हो। गौरतलब है कि वधनान में 65 हजार करोड़ रुपये की लागत से इस बंदरगाह का निर्माण होना है और केंद्र सरकार पिछले साल पांच फरवरी को इसकी सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है। वाढवन बंदर विरोधी संघर्ष समिति के पदाधिकारी नारायण पाटिल ने एनजीटी के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह इलाके के मछुआरों और निवासियों की जीत है जो वर्षों से इस बंदरगाह का विरोध कर रहे हैं। हिंदुस्थान समाचार/योगेंद्र




