नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एनसीपी की कब्जे की जंग तेज हो गई है। अजित पवार की मीटिंग में एनसीपी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले प्रफुल्ल पटेल ने भी शरद पवार को निशाना बनाया। अजित खेमे के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा, जब हम शिवसेना की विचारधारा स्वीकार कर सकते हैं, तो बीजेपी की विचारधारा से क्या दिक्कत है. जब महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला बीजेपी के साथ आ सकते हैं, तो एनसीपी के साथ आने में क्या दिक्कत है। उन्होंने कहा, आज प्रफुल्ल पटेल इस मंच से क्यों बोल रहे हैं, यह शरद पवार का मंच क्यों नहीं है? पूरा देश यही सवाल पूछ रहा है, लेकिन मैं इसके बारे में हर बात पर बात नहीं करने जा रहा हूं। लेकिन, समय आने पर मैं सब कुछ बता दूंगा।
अजित पवार को बदनाम करने की हो रही कोशिश
प्रफुल्ल पटेल ने कहा, बहुत सारे लोग अजित पवार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन पर कई बार आरोप लगा रहे हैं। 2022 में जब शिंदे गुट गुवाहाटी में था, हर विधायक और सांसद शरद पवार साहब के पास गए और उनसे पूछा…उनसे भाजपा के साथ जाने की अपील की, लेकिन वह तैयार नहीं थे।
जब समय आएगा, तब मैं किताब लिखूंगा, तब पूरा देश हिल जाएगा
उन्होंने कहा, 2019 में आपने पूछा कि अजित पवार ने राजभवन में जाकर फडणवीस के साथ शपथ कैसे ली? अगर उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर ऐसा किया था, तो उन्हें सरकार में डिप्टी सीएम और विपक्ष का नेता क्यों बनाया गया? मैं ज्यादा बात नहीं करना चाहता। जब समय आएगा, तब मैं किताब लिखूंगा, तब पूरा देश हिल जाएगा। आप सब जानते हैं कि मैं साये की तरह पवार साहब के साथ था, चाहे सही रहा हो या गलत। प्रफुल्ल पटेल ने कहा, हमने शरद पवार से अपील की थी कि हमारी बात सुनें और अपना आशीर्वाद दें हमें। अभी भी देर नहीं हुई है।




