नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पुणे कार एक्सीडेंट मामले में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नाना पटोले ने मंगलवार को सीबीआई से जांच करने की डिमांड की है। साथ ही नाना पटोले ने उपमुख्यमंत्री डेवेंद्र फडणवीस के भी इस्तीफे की मांग की है। नाना पटोले ने दावा किया है कि पुणे कार एक्सीडेंट में एक विधायक का बेटा भी शामिल है।
फडणवीस ने किया वकालत की डिग्री का इस्तेमाल – पटोले
नाना पटोले ने विधायक के ऊपर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने मामले को छुपाने की कोशिश की हैं, क्योंकि उनका बेटा भी मामले में शामिल था। दरअसल 19 मई को एक तेज रफ्तार लग्जरी कार, जिसे 17 साल का नाबालिग नशे की हालत में चला रहा था, वह एक बाइक में जा टकराई जिससे दो लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार हादसे में दो युवा, अश्वीनी कोस्टा और अनीश अवधिया की मौत हो गई है। पटोले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सीबीआई को मामले की जांच आरोपी नाबालिग को बचाने के लिए राजनीतिक दखल दी जा रही है। साथ ही उन्होंने डेवेंद्र फडणवीस के ऊपर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी वकालत की डिग्री का इस्तेमाल कर आरोपी को बचाया है। पटोले ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी फडण्वीस की मामले में भूमिका पर शक जताते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है।
अपराधियों का पांच सितारा अस्पताल
पटोले ने ससून जनरल अस्पताल को अपराधियों के लिए पांच सितारा अस्पताल होने का दावा किया है। बता दें कि अस्पताल के दो डॉक्टरों को सबूत के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। फॉरेंसिक विभाग के हेड. डॉक्टर अजय तावड़े और डॉक्ट श्रीहरि हलनूर, जिन्होंने आरोपी नाबालिग के खून के नमूने लिए थे, उसके ऊफर आरोप है कि उन्होंने उन नमूनों को एक ऐसे शख्स के नमूनों के साथ बदल दिया था जिसने शराब नहीं पी थी। जानकारी के अनुसार, पुणे पुलिस ने नाबालिग आरोपी के खून के नमूनों को एक कचरे के डिब्बे में पाया है। बता दें, पहले खून के नमूने में कोई नशीला पदार्थ नहीं पाया गया, जिसके बाद दूसरे अस्पताल में नया खून का नमूना लिया गया और जांच में पाया गया कि पहला नमूना और दूसरा नमूना एक-दूसरे से अलग हैं।
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