मुंबई, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस के लिए मुसीबते रूकने का नाम ही नहीं ले रही है, भाजपा को सत्ता से बाहर निकालने के लिए विपक्ष ने बड़े जोर शोर से INDIA गठबंधन बनाया था। लेकिन इनके आपसी मतभेद के कारण इंडिया गठबंधन अपने उदेश्य से पीछे हटता हुआ तो दिख ही रहा है। वहीं इसका बड़ा असर कांग्रेस में भी दिखाई दे रहा है। इसी बीच कांग्रेस से नाराजगी के कारण मिलिंद देवड़ा ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मिलिंद ने कांग्रेस छोड़ने की घोषणा एक्स पर एक पोस्ट लिखकर की।
कांग्रेस के साथ परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उनकी राजनीतिक यात्रा का आज एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ है। कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से उन्होंने अपना त्यागपत्र दे दिया है। कांग्रेस के साथ उनके परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया। उन्होंने कांग्रेस के साथ वर्षो से रहे अटूट समर्थन के लिए सभी नेताओं, सहकर्मियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
जानें कौन हैं मिलिंद देवड़ा?
मुंबई कांग्रेस का एक बड़ा नाम है मिलिंद देवड़ा। उन्हें मुंबई कांग्रेस का एक मजबूत नेता माना जाता है। 15वीं लोकसभा में सबसे युवा सांसद के रूप में मिलिंद देवड़ा को पहचान मिली थी। उस समय उनकी उम्र महज 27 साल थी। साल 2004 के चुनावों में मिलिंद देवड़ा ने भाजपा की जयवंतीबेन मेहता को 10,000 वोट से हराकर चुनाव जीता था। वर्ष 2009 में मिलिंद देवड़ा को मुंबई दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से जीत मिली थी। मिलिंद देवड़ा कांग्रेस में अखिल भारतीय संयुक्त कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। वह मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद की भूमिका भी निभा चुके हैं। मिलिंद देवड़ा एक युवा नेता हैं, उनका जन्म 4 दिसंबर 1976 को मुंबई में हुआ था। उन्हें राजनीति के दांव पेच अपने पिता से सीखने को मिलें। उनके पिता मुरली देवड़ा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं।
मिलिंद देवड़ा के इस्तीफे से कांग्रेस को क्या होगा असर
मिलिंद देवड़ा कांग्रेस के एक बड़े और प्रभावी नेता थे। उनके इस्तीफे से कांग्रेस को साफ बड़ा झटका लगता हुआ दिखाई दे रहा है। आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में मिलिंद देवड़ा एक संभावित सांसद हो सकते थे। उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना को ज्वाइन कर लिया है। जिससे कांग्रेस की स्थिति कहीं न कहीं कमजोर होती नजर आ रही है। वहीं इंडिया गठबंधन का सीटों के बंटवारे को लेकर चल रहे मतभेद के कारण गठबंधन अपने उदेश्य से भटकते हुए तो दिखाई ही दे रहा है। मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस को छोड़ने के कारण महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के साथ सीट शेयरिंग में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो सकती है।
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