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Monday, March 16, 2026
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‘अब मुंबई आकर मिलूंगा’ BMC में BJP की बंपर जीत के बीच निशिकांत दुबे की ठाकरे बंधुओं को खुली चुनौती

BMC चुनाव में बीजेपी गठबंधन की बंपर जीत के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है। झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इस जीत के बाद ठाकरे बंधुओं पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बीएमसी चुनाव में बीजेपी गठबंधन की बंपर जीत के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है। झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इस जीत के बाद ठाकरे बंधुओं पर सीधा निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा है कि वह जल्द ही मुंबई आकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से मुलाकात करेंगे।

बीएमसी पर लंबे समय तक चले वर्चस्व पर सवाल खड़े किए हैं


निशिकांत दुबे का यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब बीएमसी में सत्ता का पलड़ा बीजेपी गठबंधन के पक्ष में झुक चुका है। उनकी इस टिप्पणी को महाराष्ट्र की राजनीति में नई सियासी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्ट में उन्होंने बिना नाम लिए ठाकरे बंधुओं की राजनीति और बीएमसी पर लंबे समय तक चले वर्चस्व पर सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा गठबंधन (महायुति) को स्पष्ट बहुमत


बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में भाजपा गठबंधन (महायुति) को स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता देख सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐसा पोस्ट किया है, जिसे सीधे तौर पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को दी गई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। दुबे ने साफ शब्दों में कहा है कि वे जल्द ही मुंबई आकर दोनों नेताओं से मुलाकात करेंगे।

BMC में बदलाव


निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में जीत का जश्न मनाते हुए संकेत दिया कि मुंबई की राजनीति में अब ‘ठाकरे युग’ की विदाई तय मानी जा रही है। उनके इस बयान को हाल के भाषा विवाद और बीते साल दिए गए उनके विवादित बयान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिसने पहले ही महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी थी। बीजेपी खेमे में इस जीत को मुंबई की राजनीति में टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि बीएमसी में बदलाव जनता के मूड और विकास की राजनीति का संकेत है। 

‘भाषावाद’ पर सीधा प्रहार


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशिकांत दुबे अपने पोस्ट के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि मुंबई अब किसी एक परिवार या भाषावादी राजनीति की जागीर नहीं रही। मतदाताओं ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति को स्वीकार करते हुए भाजपा गठबंधन को समर्थन दिया है। दुबे का यह बयान भाजपा के बढ़ते आत्मविश्वास और बदले हुए राजनीतिक समीकरणों को दर्शाता है।

राज-उद्धव की जोड़ी को झटका


चुनावी रुझानों के मुताबिक, भाजपा गठबंधन 115 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट और मनसे (MNS) मिलकर करीब 68 सीटों तक सिमटते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस को महज 10 सीटों के आसपास संतोष करना पड़ता दिख रहा है। नागपुर, ठाणे और पुणे जैसे बड़े नगर निगमों में भी भाजपा गठबंधन मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।

पुराने विवाद की फिर एंट्री


यह पूरा सियासी टकराव उस वक्त शुरू हुआ था जब पिछले साल जुलाई में निशिकांत दुबे ने गैर-मराठी दुकानदार की पिटाई पर कड़ा विरोध जताते हुए राज ठाकरे की पार्टी पर निशाना साधा था। उस दौरान उन्होंने कहा था, हिम्मत है तो उर्दू या दक्षिण भारतीय भाषा बोलने वालों को मारो, यूपी-बिहार आओगे तो पटक-पटक कर मारेंगे। यह बयान लंबे समय तक विवाद में रहा।

अब बीएमसी चुनाव में भाजपा गठबंधन की बंपर बढ़त के बाद दुबे का मुंबई आने का ऐलान ठाकरे गुट के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। साफ है कि बीएमसी के नतीजे सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।

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