नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र विधानसभा के प्रश्नकाल में मंगलवार को उस समय अप्रत्याशित सन्नाटा छा गया, जब उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधायकों को दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी असंबद्ध मुद्दे पर ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ का बार-बार उल्लेख न करें। फडणवीस ने सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह प्रवृत्ति नहीं रुकी तो कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।
योजना के अनावश्यक उल्लेख पर नाराज हुए फडणवीस
प्रश्नकाल के दौरान कई विधायक अलग-अलग मुद्दों में इस योजना का संदर्भ दे रहे थे। लगातार दोहराव से खफा होकर फडणवीस ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए चलायी जा रही एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। इसे राजनीतिक कटाक्ष या असंबंधित विमर्श का हिस्सा न बनाया जाए।उन्होंने स्पष्ट कहा, अगर यह जारी रहा, तो आपको घर बैठना पड़ेगा। चेतावनी सुनते ही कुछ क्षणों के लिए पूरा सदन शांत हो गया।
भाजपा विधायक को भी रोका, सब पर लागू होगी सख्ती
चेतावनी के तुरंत बाद जब भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार ने अवैध शराब वितरण का मुद्दा उठाते हुए योजना का संक्षिप्त जिक्र किया, तो फडणवीस ने उन्हें भी बीच में रोक दिया।उन्होंने दोहराया कि यह निर्देश सभी विधायकों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के अभिमन्यु पवार कभी फडणवीस के निजी सहायक रह चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें चेतावनी देना स्पष्ट संकेत था कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर किसी तरह की ढील नहीं देने वाले।
कांग्रेस विधायक के बयान से भड़के थे सीएम
इससे ठीक पहले कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड ने एक अलग विषय पर बोलते हुए ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना का उदाहरण दिया, जिससे मुख्यमंत्री की नाराजगी भड़क उठी। फडणवीस ने कहा कि यह एक जनहितकारी योजना है, जो किसी अन्य विभाग या कार्यक्रम की निधि में कटौती करके नहीं चलाई जा रही। इसलिए इसे राजनीतिक तंज के लिए इस्तेमाल करना ठीक नहीं।
चेतावनी का असर-प्रश्नकाल में फिर नहीं उठा मुद्दा
मुख्यमंत्री की कड़ी टिप्पणी का असर तुरंत दिखा। प्रश्नकाल के शेष समय में किसी भी विधायक ने इस योजना का नाम लेने से परहेज किया। सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी।
क्या है ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना?
राज्य सरकार की यह लोकप्रिय योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को मासिक 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए अतिरिक्त सहारा उपलब्ध कराना है।फडणवीस ने अपनी चेतावनी को सिर्फ विपक्षी नहीं, बल्कि अपनी ही पार्टी के सदस्यों पर भी लागू होने का संकेत दिया। भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार जो पहले फडणवीस के निजी सहायक थे उन्होनें भी एक अलग मुद्दे (अवैध शराब वितरण) पर बहस के दौरान योजना का संक्षिप्त उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत उन्हें रोकते हुए चेतावनी दोहराई। इससे पहले, कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड के बयान पर भी सीएम ने नाराजगी जाहिर की थी, जब उन्होंने असंबद्ध मुद्दे पर योजना का जिक्र किया था।
”योजना को राजनीतिक प्रभाव के लिए न घसीटें”
सीएम फडणवीस ने जोर देकर कहा कि ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ राज्य की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, इसे असंबद्ध विषयों में राजनीतिक प्रभाव के लिए नहीं खींचा जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना जारी रहेगी और किसी अन्य कार्यक्रम से निधि या संसाधन नहीं लेगी, लेकिन कोई भी इस पर अनावश्यक टिप्पणी न करे।
मुख्यमंत्री की कड़ी चेतावनी का तुरंत असर दिखा और प्रश्नकाल के शेष समय में किसी भी विधायक ने इस योजना का उल्लेख नहीं किया। बता दे कि, मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।





