होशंगाबाद, 19 मई (हि.स.)। प्रदेश में कार्यरत सहकारी बैंकों के कार्यसमय में वृद्धि करने के निर्देशों का विरोध करते हुए मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के महासचिव आरजी नीमगांवकर ने प्रदेश में सहकारी बैंकों के 7 हजार कर्मचारीयों के कोरोना संक्रामण होने व 130 की असमय मौत को गंभीरता से लेते हुये सहकारिता मंत्री अरविंदसिंह भदौरिया द्वारा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से बैंकों का कार्यसमय नही बढ़ाने की मांग की है तथा इस अवांछित समय विस्तार को कर्मचारियों के हित में समाप्त करने की बात की है । फेडरेशन के अध्यक्ष मोहन कृष्ण शुक्ला तथा महासचिव गजानन नीमगॉवकर के अनुसार देश में डेढ लाख से अधिक और प्रदेश में 7000 बैंककर्मियों के कोरोना संक्रमित होने और देश में 1200 तथा प्रदेश में 130 बैंककर्मियों की मृत्यु संख्या को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार ने बैंककर्मियों की स्वास्थ्य रक्षा तथा वर्तमान परिस्थितियों में बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए बैंकों का कार्यसमय कम करने के अलावा 50% कर्मचारियों द्वारा सीमित बैंककार्य करने का आदेश दिया था। किंतु हाल ही में सहकारिता मंत्री ने किसानों के उपार्जन कार्य के नाम पर राज्य शासन द्वारा घोषित प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक कार्य के स्थान पर प्रातः साढ़े नौ बजे से सांय साढ़े चार बजे तक सहकारी बैंकें चालू रखने के निर्देश जारी करने का आदेश दिया है। श्री नीमगांवकर ने कहा कि यह आदेश बैंकिंग के नियमों तथा रिजर्व बैंक के निर्देशों के विरुद्ध है। फेडरेशन के अनुसार राज्य शासन को व्यवसायिक बैंकों सहित अन्य संसाधनों से किसानों का उपार्जन कार्य करवाना चाहिए न कि इसके लिए मात्र सहकारी बैंककर्मियों को झोंकना चाहिए था । एक ओर जहां शासन द्वारा सहकारी बैंककर्मियों को न तो कोरोना वारियर माना गया है, न ही टीकाकरण मे प्राथमिकता दी गई है और न ही कोई इंसेंटिव घोषित किया गया है जो कर्मचारियों के साथ अन्याय एंव उनके मानवीय हितों के विपरीत है ।श्री नीमगांवकर ने इस स्थिति में कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी के लिखित आदेश के बगैर अधिक समय कार्य कतई न करें । हिन्दुस्थान समाचार /आत्माराम यादव /राजू




