नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्यप्रदेश के दो नए आईटी पार्क उज्जैन और रीवा जल्द आकार लेंगें। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वे इन आईटी पार्क की नींव भूमि पूजन कर इसी दिसम्बर माह में रखने जा रहे हैं। रीवा का 53 करोड़ और उज्जैन का 48 करोड़ कुल 101 करोड़ की लागत से जल्द निर्मित होने वाले दोनों आईटी पार्क राज्य की आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्द होंगे।
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड द्वारा नव निर्मित किये जाने वाले आईटी पार्क में 60 प्रतिशत परिसर आईटी, आईटीईएस, ईएसडीएम के कार्य से जुडी इकाइयों को दिया जायेगा और और 40 फीसदी का कॉमर्सिअल उपयोग किया जायेगा। इन आईटी पार्क के प्रारंभ होने से उज्जैन और रीवा क्षेत्र के लोगों न केवल रोजगार मिलेगा बल्कि स्थानीय विकास भी होगा।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश IT क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने आईटी क्षेत्र में विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिये प्रमुख शहरों- भोपाल में 1, इंदौर,में 2, ग्वालियर और जबलपुर में एक -एक आईटी पार्क कुल 05 आईटी पार्क की स्थापना कर चुका है। राज्य में अभी एमपीआईडीसी के इंदौर में क्रिस्टल और अतुल्य आईटी पार्क हैं और 04 निजी आईटी कंपनियों के कार्यरत हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में आईटी, ITES ESDM डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम निवेश संवर्धन नीति-2023 में संशोधन इसीलिए किये हैं की पात्र निवेशक इकाइयों को नीति का लाभ प्राप्त हो सके। पात्र निवेशक इकाइयों को सिंगल विण्डो क्लियरेंस, केपिटल एक्सेपेंडीचर और किराये में सहयोग, सस्ती दरों पर भूमि, स्टॉम्प ड्यूटी और रजिस्ट्ररी में छूट, मार्केटिंग और क्वालिटी कंट्रोल में सहयोग इस नीति के तहत प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने टॉवर पॉलिसी के अलावा क्लाउड सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मध्यप्रदेश क्लाउड पॉलिसी-2024″ भी बनाई है। हम आईटी सेक्टर में हर प्रकार की विशेषता व नवीनता को बढ़ावा देने के लिया अनेक तरह की सुविधाएं दे रहे हैं।




