बलरामपुर और बावरी-घाट का नाम होगा बलरामपुर घाट भोपाल, 20 फरवरी (हि.स.)। प्रदेश के किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि गुलामी के प्रतीक चिन्हों को और गुलामी की निशानियों को बदला जाएगा। उन्होंने नर्मदा जयंती पर आयोजित समारोह में होशंगाबाद जिले के ग्राम बावरी का नाम जनता की सार्वजनिक मांग पर बलरामपुर और बावरी-घाट का नाम बलरामपुर घाट करने की घोषणा की थी। कृषि मंत्री पटेल ने शनिवार को बताया कि जन- आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नामों को बदलने की कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी। स्वतंत्रता के बाद वर्षों तक इसे सहा है अब और अधिक सहन करने की आवश्यकता नहीं है। जनता की मांग को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जाएंगे। मंत्री पटेल ने निभाया इंसानियत का फर्ज, घायलों को फॉलो वाहन से पहुंचाया अस्पताल कृषि मंत्री कमल पटेल ने शनिवार शाम को बैतूल से हरदा लौटते समय रास्ते में सड़क दुर्घटना के तीन घायलों को स्वयं के फलों वाहन से बैतूल अस्पताल के लिए तत्काल रवाना किया। उन्होंने बैतूल के कलेक्टर को उपचार के समुचित निर्देश भी दिए। मंत्री पटेल ने बैतूल से हरदा लौटने के दौरान चीरापाटला से गवासेन के बीच अजई घाट पर सड़क दुर्घटना में खून से लथपथ पड़े लोगों को देखकर तुरंत अपना काफिला रुकवाया। उन्होंने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए बगैर किसी औपचारिकता के तत्काल अपने काफिले के फ़ॉलो एवं पायलेट वाहन से घायलों को बैतूल अस्पताल के लिए रवाना किया। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश




