रतलाम,31 मई (हि.स.) । मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्र.आर. बलराम पाटीदार को उनकी उत्कृष्ट सेवाओ के लिए पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र व डिस्क से सम्मानित किया गया है । सोमवार को पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी द्वारा सम्मान समारोह आयोजित कर प्रधान आरक्षक पाटीदार को सम्मानित किया गया । प्रधान आरक्षक पाटीदार अब तक 198 पुरस्कार और 10 प्रशंसा पत्र हासिल कर चुके हैं। प्र.आर. बलराम पाटीदार पुलिस विभाग में 26 दिसंबर 1997 से निरंतर सेवा दे रहे है व वर्तमान में जिला रतलाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय मे पदस्थ हैं । राज्य अपराध अभिलेख ब्युरो, भोपाल द्वारा प्र.आर. बलराम का चयन कर सीडेक इंदौर मे प्रशिक्षण एक माह का कम्प्यूटर कोर्स करवाया गया, जिसमें प्र.आर. को प्रदेश स्तर पर (ए)ग्रेड प्राप्त हुई व बैंच मे प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिसके फलस्वरूप राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा पुन: इन्हें चयनित कर हार्डवेयर प्रशिक्षण दिया। थाना माणकचौक रतलाम के प्रतिष्ठित व्यापारी के पोते का अपहरण होने पर 7 घण्टे के अंदर अपहृत बालक को बरामद करवाने मे मुख्य भूमिका हेतु पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन द्वारा 1000/- रूपये नगद पारितोषिक दिया गया । इसी प्रकार सिमी के सक्रिय सदस्य जाकिर हुसैन एवं मोह. फरहत निवासी खण्डवा की गिरफ्तारी मे सक्रिय भूमिका निभाने पर भी पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन द्वारा 500/- रूपये नगद पुरूस्कार से भी पुरूस्कृत किया गया । इनके द्वारा थाना माणकचैक के सनसनीखेज सुरज गवली हत्याकाण्ड मे थाना माणकचौक के ही सनसनीखेज तरूण सांकला हत्याकांड , बांछडा गेंग द्वारा की गई 41 लूट, नकबजनी, चोरी मे पतारसी एवं बरामदगी मे सक्रिय सहयोग करने, थाना स्टेशन रोड के बलात्कार व पास्को एक्ट मे फरार 2500-2500/- रूपये के उद्वघोषित आरोपियो को पकड़वाने मे मुख्य भूमिका एवं साइबर सेल मे कार्य करते हुए जिले मे अपहृत बालक बालिका की बरामदगी मे सक्रिय सहयोग करने के लिये कई बार नगद राशि से पुरूस्कृत किये गये एवं साइबर सेल मे रहते हुए करीब 30 लाख के गुम मोबाइल को खोज कर फरियादियो तक पहुँचने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । जिला रतलाम मे बहुचर्चित हिम्मत पाटीदार हत्याकांड व दिलीप देवल एंकाउंटर केस मे प्र.आर. की महत्वपूर्ण भूमिका रही । अभी तक के सेवाकाल में इन्हें 198 ईनाम एवं 10 प्रशंसा पत्र प्राप्त हुए हैं । प्र.आर. बलराम द्वारा पुलिस विभाग मे मानव संसाधन तैयार करने हेतू टीम सदस्यो को भी प्रशिक्षित किया । आर. बलराम ने स्वंय की कार्यकुशलता बढाने के लिये लगातार स्वंय को विभिन्न प्रशिक्षणों के माध्यम से निरन्तर अद्यतन रखकर कर्तव्य के प्रति लगन एवं रूचि दिखाई है । 23 वर्ष 5 महिने के सेवाकाल मे आज तक कोई शिकायत प्राप्त नही हुई। प्र.आर. बलराम के सेवाकाल मे कोई गैरहाजिरी/सिक लीव नही है जोकि इनके अनुशासन का परिचायक है। कुल मिलाकर प्र.आर. का अब तक का सेवाकाल सर्वोत्तम रहा है । हिंदुस्थान समाचार / शरद जोशी




