Dhar Bhojshala: हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ भोजशाला में पांचवें दिन का ASI सर्वे, जानें अब तक क्या हुआ?

Bhojshala ASI Survey: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का सर्वे पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी है।
Bhojshala ASI Survey
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धार, (हि.स.)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का सर्वे पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी है। इसी बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने मंगलवार को हिन्दुओं को पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई है। इसके तहत सुरक्षा जांच के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला में पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

श्रद्धालुओं के मोबाइल ले जाने पर लगा प्रतिबंध

कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच प्रत्येक श्रद्धालुओं की चेकिंग की गई और मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। पूजा के बाद बाहर आए श्रद्धालुओं ने कहा कि सर्वे के फैसले से हिंदू समाज खुश है। यहां 1952 से लगातार सत्याग्रह चल रहा है। हनुमान चालीसा के बाद आरती और पूजा संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने कहा कि निर्देश के अनुसार उन्होंने 11 बजे भोजशाला परिसर खाली कर दिया है।

भोजशाला में एएसआई का सर्वे भी शुरू

इधर, भोजशाला में एएसआई का सर्वे भी शुरू हो चुका है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम भोजशाला के पिछले हिस्से में यह सर्वे कार्य कर रही है, ताकि किसी भी तरह से हिंदू समाज के लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। दोनों ही पक्ष की मौजूदगी में मंगलवार को यह सर्वे भीतरी परिसर में करवा पाना संभव नहीं था, इसलिए बाहरी परिसर में ही यह सर्वे करवाया जा रहा है।

चार स्थानों पर उत्खनन का कार्य जारी

यहां आने वाले श्रद्धालु किसी भी तरह के सर्वे की प्रक्रिया को देख नहीं सकें, इसके लिए बड़े-बड़े पर्दे लगा दिए गए हैं। साथी मुख्य द्वार से केवल भीतर प्रवेश कर सकते हैं। अन्य स्थानों पर जाने पर रोक लगा दी गई है। चार स्थानों पर उत्खनन का कार्य जारी है। संभावना है कि इसमें हिंदू प्रतीक चिह्न मिल सकते हैं, इसी के मद्देनजर यह उत्खनन विशेष माना जा रहा है।

सर्वे में अब तक क्या हुआ?

धार भोजशाला के सर्वे में अब तक ASI ने भोजशाला को अंदर और बाहर दोनों ओर से नापाई की है। ASI ने भोजशाला का लंबाई और चौड़ाई का मेजरमेंट कर लिया है। इसके साथ ASI ने अंदर बाहर से मिट्टी के सैंपल लिए है। साथ में खुदाई कर निकाले गए पत्थरों के सैंपल लिए है। भोजशाला की उम्र पता करने के लिए पत्थर निकले गए है। इसके साथ बाहरी हिस्से में पांच से 6 फीट तक के 3 गड्डे खोदे गए है। पत्थरों पर मौजूद कलाकृतियों को रिकॉर्ड कर सबूत लिए गए। चौथे दिन के सर्वे में कमाल मौला मस्जिद तक मार्किंग की गई है।

एएसआई की दिल्ली और भोपाल की टीम कर रहीं है भोजशाला का सर्वे

एएसआई की दिल्ली और भोपाल की टीम भोजशाला का सर्वे कर रही है। यह वैज्ञानिक सर्वे मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर ज्ञानवापी की तर्ज पर हो रहा है। टीम कार्बन डेटिंग के साथ ही खुदाई कर परीक्षण कर रही है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष की मौजूदगी में हो रहे इस सर्वे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।

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