07/06/2021 बोकारो, 07 जून (हि. स.)। बिजली की समस्या पर पूर्व मंत्री उमाकान्त रजक सोमवार को उपायुक्त से मिले। उन्होंने कहा कि डीसी बिजली विभाग और डीवीसी का संयुक्त बैठक कर बिजली समस्या का स्थायी समाधान ढूंढे। उन्होंने कहा कि डीवीसी और जेबीवीएनएल में ताल मेल नही है। एक दूसरे पर आरोप मढ़कर अधिकारी पाला झाड़ ले रहे हैं, जबकि बिजली आपूर्ति दोनो की सामुहिक जिम्मेदारी बनती है। आधुनिक दौड़ में अनियमित बिजली आपूर्ति एक अपराध है। कर्तव्य निर्वहन में पिछड़ रहे अधिकारियों पर करवाई होनी चाहिए। क्योंकि गर्मी में बिजली का आंख मिचौली एक आम बात है। कभी तो बिजली समस्या से मुक्ति मिले। पूर्व मंत्री ने कहा कि चन्दकियारी-चास को मात्र 40 मेगावाट बिजली डीवीसी दे रहा है। इससे लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो सकती हैं। उद्योग संचालन का तो सवाल ही नहीं पैदा होता है। झारखंड को विकसित राज्य के दौड़ में शामिल करने के लिए बिजली आपूर्ति पर सरकार को फोकस करना होगा। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि फुदनीडीह सब स्टेशन, नारायणपुर सब स्टेशन और बरमसिया – जैनामोड़ ग्रिड बनकर सिर्फ जिले का शोभा बढ़ा रहे हैं। इन प्रोजेक्टों के डिज़ाइन के समय यदि इनके जरूरत के सभी क्षेत्रों में काम हुआ होता तो बनकर तैयार ग्रिड बन्द पड़ा नहीं रहता। लेकिन जनप्रतिनिधि सिर्फ सब स्टेशन- ग्रिड का शिलान्यास करके आराम फरमाने लगते हैं। श्री रजक ने कहा कि सरकार सिंगल विण्डो सिस्टम के तहत तैयार बरमसिया – जेनामोड़ ग्रिडों के अंतर्विभागीय कागजी आवश्यकता को पूरी करे। तभी ग्रिड जल्द चालू हो पाएंगे। इन ग्रिडों को चालू होने से जेबीवीएनएल पर डीवीसी का निर्भरता खत्म हो जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में जनता मजदूर सभा के महासचिव साधु शरण गोप एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव बधन शर्मा शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल




