रांची, 26 जून (हि. स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि एचईसी भाजपा की गलत नीति के कारण बिकते रहा है। इसे बचाने के लिए वह अपनी आखिरी क्षमता तक प्रयास करते रहेंगे। सुबोधकांत शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एचईसी में लगभग पांच हजार मजूदर स्थायी एवं अस्थायी रूप में कार्यरत है। डेढ़ लाख की आबादी का टाउनशीप है। एचईसी में अफसरों का पांच महीनों का वेतन तथा मजदूरों को चार महीनों का वेतन नहीं मिला है। वर्तमान समय में एचईसी के पास लगभग दो हजार करोड रुपया कार्यादेश है। लेकिन क्रियाशील पूंजी नहीं होने के कारण काम नहीं हो रहा है। एचईसी में विगत 19 महीनों से वैल के चेयरमैन को एचईसी के चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है वे 19 महीने में सिर्फ चार बार ही कार्यालय में आये हैं। एचईसी झारखंड का गौरव है। यह देश में स्थापित उद्योगों का मदर प्लांट है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में जब यूपीए सरकार थी और वह मंत्री थे तो विशेष पैकेज देकर फिर से जिंदा करने का प्रयास किया था। सहाय ने कहा कि आज भारी उद्योग मंत्री भारत सरकार जावेडकर से फोन पर बात कर एचईसी की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। सहाय ने कहा कि झारखंड और देश की अस्मिता के लिए एचईसी का चालू रहना अनिवार्य है। सहाय ने कहा कि भारी उद्योग मंत्री ने यह आश्वस्त किया कि एचईसी के सवाल पर मंत्रालय में अविलंब बैठक बुलाएंगे तथा आपके द्वारा उठाये बिन्दुओं पर अविलंब कोई निर्णय लेंगे। उन्होंने कैबिनेट मंत्री अर्जुन मुंडा से भी आग्रह किया है कि प्रतिनिधित्व करने के नाते झारखंड की अस्मिता की भी रक्षा के लिए एचईसी को बचाने के लिए अपना पक्ष रखें। सहाय ने राज्य सरकार से भी आग्रह किया है कि इस पर संज्ञान लेते हुए एचईसी को पुनर्जीवित करें। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण





