रांची, 19 फरवरी (हि. स.)। गिरिडीह के आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने दामोदर वैली कारपोरेशन (डीवीसी) के विस्थापितों को न्याय दिलाने को लेकर गंभीर रूख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे विस्थापितों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार दिलाने के लिए सजग व गंभीर बने हुए है और इसी को ध्यान में रखकर उन्होंने डीवीसी चेयरमैन से मिलकर शीघ्र लंबित समस्याओं का हल निकालने को कहा है। कोलकाता स्थित डीवीसी मुख्यालय में हुई इस मुलाकात में उन्होंने शुक्रवार को चेयरमैन से कहा कि विस्थापितों की लंबित पैनल शीघ्र बनाकर नौकरी दी जाए। साथ ही कहा कि जब समान ईकाई मैथन डीवीसी में पैनल बनाकर विस्थापितों को नौकरी दी गयी तो बोकारो थर्मल में कयों नहीं। उन्होंने विनोद बिहारी महतो समझौते की चर्चा कर शेष 84 लोगों को तत्काल नियोजन देने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व में निकाले गए विज्ञापन की चर्चा कर, जो आज भी विचाराधीन है, को ध्यान में रखकर विस्थापितों को जीवन यापन के लिए लाल चौक, हॉस्पिटल मोड़ एवं रेलवे स्टेशन के समीप खाली जमीन पर दुकान आवंटन करने की भी बात कही। उन्होंने विस्थापित के गांव को चिन्हित कर न्यूनतम दर पर बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ डीवीसी द्वारा संचालित स्कूल, शिक्षण संस्थान, सात कौशल विकास केंद्र एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में विस्थापितों के बच्चों का नामांकन कर शिक्षा देने को सुनिश्चित करने की भी बात कही। डीवीसी चेयरमैन ने सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त किया। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण




