जम्मू, 19 मई। हिंदूवादी नेता राजू चंदेल ने भारत के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों व केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बुधवार को कहा की कोरोना महामारी से देश के विभिन्न राज्यों में अनाथ हुए बच्चों को जो राज्य सरकार मुआवजे के रूप में मामूली सी रकम देने का फैसला कर रही हैं वह नाकाफी हैं। उन्होंने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि इन अनाथ बच्चों की शिक्षा व खानपान का खर्चा तब तक राज्य सरकारें उठाएं जब तक यह बच्चे अपने पैरों पर खड़े ना हो जाएं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह अनाथ बच्चे या तो क्रिमिनल या आतंकवाद की गलत राह पकड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर देश व राज्यों को उन्नति की राह पर लेकर जाना है तो इन बेसहारा अनाथ परिवारों व बच्चों की सहायता के लिए गंभीर रणनीति बनाने की आवश्यकता है। सभी पीड़ित परिवारों के बच्चों को तब तक राज्य सरकारों की तरफ से सहायता दी जानी चाहिए जब तक कि वह अपने पैरों पर खड़े ना हो जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रत्येक राज्य में आयोग का गठन होना चाहिए तथा इन परिवारों के साथ कोई भी राजनीतिक भेदभाव या भाई भतीजावाद नहीं होना चाहिए। प्रत्येक राज्य सरकार को ईमानदारी के साथ इन पीड़ित परिवारों के अनाथ बच्चे व परिवारों का साथ देने का समय है। चंदेल ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि तमाम राज्य सरकारों के लिए एक बड़े राहत कोष का ऐलान किया जाए जिससे कि पीड़ित परिवारों के बच्चों को उचित शिक्षा व खानपान की व्यवस्था लंबे समय तक की जाए। हिन्दुस्थान समाचार/अमरीक/बलवान





