मंडी, 18 मई (हि. स.)। कीरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण के दौरान बल्हघाटी के बैहना गांव में निजी भूमि व सडक़ से बहने वाले नाले के पानी की निकासी की व्यवस्था न किए जाने से स्थानीय बाशिंदे खफा हैं। इस बारे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधीकरण सडक़ एवं परिवहन मंत्रालय के चक्कर कार्यालय को पत्र लिखकर नालों के पानी की निकासी का प्रावधान किए जाने की मांग की हैं। स्थानीय निवासी प्रकाश चंद धीमान ने बताया कि चैनल नंबर 194-730 व 194-760 के मध्य से गुजरने वाले नालों व लिंक रोड़ के पानी की निकासी की व्यवस्था फोरलेन के लिए नहीं की गई है। जिससे यह पानी तालाब की तरह एकत्रित हो रहा है, यही नहीं साथ लगते लिंकरोड़ का पानी भी यहीं पर फोरलेन की भूमि पर एकत्रित हो रहा है। इसके अलावा दोनों नालों के पानी से उनकी मलकीयत भूमि में कटाव हो रहा है। इसके अलावा उनकी मलकीयत भूमि फोरलेन में जाने की वजह से फोरलेन सडक़ निर्माण केलिए कटिंग की गई है। जिससे यहां पर दोनों ओर ऊंची ढांक बन गई है। जिसका सारा पानी फोरलेन में आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में लोनिवि उप मंडल नेरचौक की ओर से यहां पर पानी की निकासी केलिए भूमिगत पाइपें बिछाई गई थी। जिससे यहां का सारा पानी सुकेती खड्ड में पहुंचता है। मगर अब फोरलेन के निर्माण के दौरान यह व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने मांग की है कि इस जगह पर बॉक्स कलवर्ट या पाइप कलवर्ट के माध्यम से बरसात का पानी सुकेती खडड में पहुंचाया जाए। जिससे लोगों की निजी भूमि और फोरलेन सडक़ भी सुरक्षित रह सके। हिन्दुस्थान समाचार/मुरारी/सुनील




