शिमला, 17 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल एक बार फिर सियासी गलियारों में सक्रिय हो गए हैं। लोकसभा व विधानसभा उपचुनाव से पहले उनकी सक्रियता से जहां प्रदेश भाजपा में नया जोश भर दिया है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस में खलबली मच गई है। प्रेम कुमार धूमल तीन दिनों से राजधानी शिमला में प्रदेश भाजपा संगठन की महत्वपूर्ण बैठकों में शिरकत कर रहे हैं। इस दौरान शिमला में उनसे मिलने वाले भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही। खासकर पुराने पार्टी कार्यकर्ता धूमल से मिलकर भावुक हो रहे हैं। काफी अरसे बाद धूमल का शिमला में लंबा प्रवास रहा है। शिमला आगमन पर सबसे पहले धूमल पार्टी के दिवंगत विधायक व पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा को श्रद्धांजलि देने जुब्बल कोटखाई गए। लम्बे समय बाद सेब बेल्ट में समर्थकों ने धूमल को अपने बीच पाया। राजधानी शिमला में संगठन के कामकाज की समीक्षा पर आयोजित मंथन बैठक में प्रेम कुमार धूमल औऱ उनके बेटे व केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर केंद्र बिंदु रहे। आम कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों, मंत्रियों व मुख्यमंत्री ने धूमल के सामने दस्तक दी है। धूमल से मिलने वालों में अफसरशाही से जुड़े अधिकारी भी शामिल रहे हैं। दोनों दिग्गज राजनेताओं के शिमला प्रवास के चलते सर्कट हाउस और पीटरहॉफ में कार्यकर्ताओं व पार्टी नेताओं का जमावड़ा रहा। कई संगठनों व सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनधिमण्डल अपनी मांगों को लेकर अनुराग ठाकुर से मिले। कुल मिलाकर धूमल व अनुराग के शिमला प्रवास ने भाजपा में नया उत्साह भरने का काम किया है। धूमल-अनुराग की ये सक्रियता सत्ताधारी भाजपा के लिए सक्रियता सकारात्मक संकेत तो देती ही है, साथ ही सूबे की सियासत में भी हलचल मचा रही है। उनके इस तरह से अचानक सक्रिय होने से कांग्रेस भी चौंक गई है। दरअसल कांग्रेस आगामी विस् चुनाव में सबसे बड़ा खतरा धूमल को मानती है, क्योंकि धूमल की धरातल पर पूरी तरह से पकड़ है। गौर हो कि दो बार मुख्यमंत्री रहे धूमल भाजपा के दिग्गज नेता हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में नाटकीय ढंग से हारने के बाद प्रदेश भाजपा में उनकी भूमिका कुछ खास नहीं रही। अब पार्टी में बढ़ती उनकी अचानक सक्रियता से इन दिनों सरकार व पार्टी संगठन चर्चा का विषय बना हुआ है। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल




