पालमपुर, 28 अप्रैल (हि. स.)। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा है कोरोना संकट भयंकर हो रहा है। तड़़फती लाशें और कांपते मरघट रूहं को भी कांपा रहे है। मद्रास उच्च न्यायालय की भटकार जनता की भावनाओं के अनुसार है। इस अति भयंकर परिस्थिति में सरकार को बहुत कड़वे और कठोर निर्णय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग यह निर्णय करें कि कम से कम आने वाले छ मास में कहीं पर किसी प्रकार का भी कोई चुनाव नहीं होगा। सरकार यह निर्णय करे कि शादी में केवल दो परिवार होंगे। किसी प्रकार का धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम कहीं पर भी नही होना चाहिए। शांता कुमार ने कहा कि कोरोना बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है सरकार और जनता की लापरवाही। आज भी कुंभ में लाखों नही पर हजारों साधु साही स्नान कर रहे हैं। नेता घूम रहे है। जबकि नेता कहीं पर भी जाता है तो नियम टूटते है। नेता जब शादी में जाता है तो नियमों की धज्जियां उड़ रही है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली में बैठकर सारे देश का संचालन कर रहे हैं। सभी सभाओं को दिल्ली से सम्बोधित कर रहे हैं। किसी भी प्रदेश का कोई नेता आपात स्थिति के इलावा कहीं पर दौरे पर न जाए। शादियों में 50 व्यक्तियों की सीमा खुलेआम टूट रही है। जहां नेता जा रहे हैं वहां धज्जियां उठाई जा रही है। उन्होने कहा कि पूरे प्रदेश में कांगड़ा जिला सबसे अधिक पीड़ित है। पूरे प्रदेश में कुल मरने वालों में आधे कांगड़ा जिला के है। मई मास में कांगड़ा जिला में तीन हजार शादियां है। अभी ओर भी अनुमति के लिए कहेंगे। एक जिला में तीन हजार शादियों – नेता जायेंगे – नियमों की धज्जियां उड़ेगी। क्या बनेगा – सोच कर ही डर लग रहा है। वक्त की जरूरत है कठोर नियम – शादी में केवल दो परिवार और 15 से अधिक संख्या नही। सरकार को अत्यन्त कठोर निर्णय लेने होंगे। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/उज्ज्वल




